अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने भारत सरकार की ईएलआई योजना की सराहना की है। संगठन ने कहा कि अगर योजना को सही तरीके से लागू किया गया तो युवाओं के रोजगार परिणाम में सुधार की संभवना है। भारत सरकार ने मंगलावर को ईएआई योजना को मंजूरी दी। इस योजना के तहत कुल 3.5 करोड़ नौकरियों के सृजन का लक्ष्य रखा गया है।
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने भारत की रोजगार प्रोत्साहन योजना (एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इन्सेंटिव स्कीम) की सराहना की है। आईएलओ ने कहा कि वैश्विक साक्ष्य बताते हैं कि अगर सक्रिय श्रम बाजार नीतियों (एएलएमपी) को सही ढंग से डिजाइन किया जाए तो युवाओं के रोजगार परिणामों में सुधार हो सकता है।
आईएलओके भारत कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इससे संबंधित एक पोस्ट किया। पोस्ट में कहा गया कि भारत की ईएलआई योजना इस दिशा में एक उल्लेखनीय नीति पहल है। मंगलावर को केंद्रीय मंत्रीमंडल ने विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हुए सभी क्षेत्रों में रोजगार सृजन, रोजगार क्षमता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ईएलआई योजना को मंजूरी दे दी।
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योजना में क्या है खास?
पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को एक महीने का वेतन अधिकतम ₹15,000 तक दी जाएगी।
नियोक्ताओं को दो वर्षों तक प्रति अतिरिक्त कर्मचारी ₹3,000 प्रति माह तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
विनिर्माण क्षेत्र के लिए यह प्रोत्साहन तीसरे और चौथे वर्ष तक भी बढ़ाया जाएगा।
योजना के तहत कुल 3.5 करोड़ नौकरियों के सृजन का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 1.92 करोड़ पहली बार कर्मचारी होंगे।
योजना को 2024-25 के केंद्रीय बजट में घोषित किया गया था। यह प्रधानमंत्री की पांच योजनाओं के पैकेज का हिस्सा है। इसका उद्देश्य 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और अन्य अवसर प्रदान करना है।
इस योजना का कुल बजट ₹99,446 करोड़ रखा गया है, जबकि पूरे पैकेज का बजट ₹2 लाख करोड़ है।