अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत अवार्ड्स
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भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुके हैं। इनका योगदान न सिर्फ जीडीपी और रोजगार में बल्कि नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी विकास में भी तेजी से बढ़ रहा है। नवीनतम सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मई 2025 तक देश में कुल 6.44 करोड़ एमएसएमई पंजीकृत हैं, जो 26.77 करोड़ लोगों को रोजगार दे रहे हैं और भारत के कुल निर्यात में 46% तक की हिस्सेदारी रखते हैं।
पिछले वर्ष 2023-25 में ही एमएसएमई सेक्टर में 11 मिलियन से अधिक नई नौकरियां उत्पन्न हुईं। यही नहीं, इस उद्योग का आकार 2028 तक एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इन उद्यमों में नवाचार, रिसर्च एवं विकास की दृष्टि से उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं, जैसे पीएम-विश्वकर्मा, एमएसएमई इनोवेटिव स्कीम, एवं डिजिटलीकरण की पहलें, कंपनियों को नए विचारों को हकीकत में बदलने का पूरा मौका दे रही हैं।
भारत मंडपम में 9 अक्तूबर को होगा पुरस्कार समारोह
अमर उजाला इसी नवाचार और अनुसंधान में उत्कृष्टता पाने वाली एमएसएमई कंपनियों को एमएसएमई फॉर भारत अवार्ड्स 2025 से सम्मानित करने जा रहा है। यह भव्य आयोजन 9 अक्टूबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में होगा, मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतनराम मांझी उपस्थित रहेंगे। इस पुरस्कार समारोह में कुल 15 श्रेणियोंमें एमएसएमई उद्यमियों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज अवार्ड दिए जाएंगे।
मूर सिंघी संस्था करेगी पुरस्कार आवेदनों का मूल्यांकन
मूर सिंघी संस्था इस अवार्ड का नॉलेज पार्टनर है, जो नामांकनों का मूल्यांकन और चयन करेगा ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके। 1500 से अधिक डेलीगेट्स और राज्य व केंद्र स्तर के मंत्री इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
आज ही करें आवेदन
अगर आपका संगठन नवाचार, रिसर्च और डेवलपमेंट के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करता है, तो आगे आएं और एमएसएमई फॉर भारत अवार्ड्स 2025 के लिए अपना नामांकन भेजें। अभी रजिस्टर करने के लिए दिये गए QR कोड को स्कैन करें। आवेदन प्रक्रिया नि:शुल्क है। इस पुरस्कार के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितम्बर है। भारतीय एमएसएमई से आग्रह है कि वे अपनी उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर सामने लाएं और देश के विकास में अपना अमूल्य योगदान प्रमाणित करें।