कोरोनावायरस पहले से और भी खतरनाक होते जा रहा है। यह वायरस देशों की अर्थव्यवस्था से लेकर लोगों की जिंदगियों तक पर कहर बन कर गिरा है। ऐसे में भारत में इसके खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने 21 दिनों का लॉकडाउन कर दिया है। इसका असर देश के विमानन क्षेत्र पर भी देखने को मिल रहा है। CAPA इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अगर देश में जून के आखिर तक सभी तरह की उड़ानें बंद रहती हैं, तो इससे भारतीय विमानन क्षेत्र को अप्रैल-जून तिमाही में 3.3 से लेकर 3.6 अरब डॉलर तक नुकसान हो सकता है। विमानन क्षेत्र की परामर्श कंपनी सीएपीए इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए विमानन उद्योग को तालमेल करने की जरूरत है।
यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने 15 अप्रैल तक देश में वाणिज्यिक उड़ानों के ऑपरेशन्स को रद्द कर दिया है। सीएपीए इंडिया की तरफ से कहा गया है बंदी से विमानन कंपनियों को 1.75 अरब डॉलर तक का नुकसान हो सकता है। वहीं हवाई अड्डों और दूसरी सुविधाओं को 1.50 अरब से 1.75 अरब डॉलर तक नुकसान होने का अंदेशा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्रांउड हैंडलिंग परिचालन बंद रहने के कारण 8-9 करोड़ डॉलर के नुकसान की संभावना है।
CAPA इंडिया की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अगर इसी तरह चलता रहा तो अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विमानन उद्योग को कुल 3.3 अरब डॉलर से 3.6 अरब डॉलर तक का नुकसान हो सकता है। ऐसे में डॉलर के मुकाबले रुपये की वर्तमान दर पर यह नुकसान करीब 25,000 करोड़ से 27,000 करोड़ रुपये का होगा। दरअसल सीएपीए इंडिया की तरफ से यह अनुमान तब के लिए लगाया गया है कि अगर 30 जून तक देश में सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद रहती है।