मानव विकास सूचकांक में बेहतर प्रदर्शन से भारत एक पायदान ऊपर 130 से 129 पर पहुंच गया है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2005-06 से 2015-16 के दौरान 27.1 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया।
यूएनडीपी की भारत स्थित प्रतिनिधि शोको नोडा ने बताया, 189 देशों की सूची में पाकिस्तान तीन पायदान की छलांग लगाते हुए 150 से 147वें स्थान पर पहुंच गया। वहीं बांग्लादेश दो पायदान ऊपर पहुंच कर 134वें स्थान पर है।
उन्होंने बताया कि भारत पिछले साल इस सूची में 130वें पायदान पर था। उसका मानव विकास सूचकांक मूल्य 0.647 है, जबकि दक्षिण एशिया का 0.642 है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन दशकों में तेजी से विकास के कारण गरीबी में कमी आई है। इसके साथ ही जीवन प्रत्याशा में वृद्धि, शिक्षा और आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य सेवा तक आम जनता की पहुंच के कारण रैंकिंग में यह सुधार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि 1990 से 2018 के दौरान दक्षिण एशिया में 46 फीसदी विकास हुआ। उसके बाद पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र में 43 फीसदी विकास हुआ।
मानव विकास सूचकांक में शीर्ष 10 देश
| रैंक |
देश |
| 1 |
नॉर्वे |
| 2 |
स्विट्जरलैंड |
| 3 |
ऑस्ट्रेलिया |
| 4 |
आयरलैंड |
| 5 |
जर्मनी |
| 6 |
आइसलैंड |
| 7 |
हॉन्गकॉन्ग |
| 8 |
स्वीडन |
| 9 |
सिंगापुर |
| 10 |
नीदरलैंड |