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BTA: भारत-अमेरिका बीटीए से किसानों को क्या फायदा? 46 अरब डॉलर के अमेरिकी बाजार में जीरो-ड्यूटी पहुंच की उम्मीद

Tue, 10 Feb 2026 01:49 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते से भारतीय किसानों को बड़ा लाभ मिल सकता है। समझौते के तहत अमेरिका के 46 अरब डॉलर के कृषि बाजार में कई उत्पादों को बिना शुल्क पहुंच मिलेगी, जिससे निर्यात, बेहतर दाम और किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।
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भारत अमेरिका के बीच व्यापार समझौता - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) से भारतीय किसानों को काफी लाभ होगा। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में भारत की मजबूत निर्यात स्थिति और आय बढ़ाने की क्षमता के चलते यह समझौता खास तौर पर लाभकारी साबित हो सकता है। भारत को पहले से ही अमेरिका के साथ कृषि व्यापार में 1.3 अरब डॉलर का अधिशेष प्राप्त है।

कृषि क्षेत्र में भारत की कुल निर्यात स्थिति मजबूत

वर्ष 2024 में भारत ने अमेरिका को 3.4 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद निर्यात किए, जबकि आयात 2.1 अरब डॉलर का रहा। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि कृषि क्षेत्र में भारत की कुल निर्यात स्थिति मजबूत है और बीटीए के तहत इसमें और विस्तार की गुंजाइश है।

  • समझौते का एक बड़ा लाभ अमेरिका के लगभग 46 अरब डॉलर के कृषि आयात बाजार में शून्य शुल्क (जीरो-ड्यूटी) पहुंच से जुड़ा है।
  • पहले से ही करीब 1.4 अरब डॉलर के ऐसे उत्पाद जैसे मसाले, चाय, कॉफी, फल, प्रोसेस्ड फूड और आवश्यक तेल शून्य शुल्क श्रेणी में आते हैं।
  • इन पर शुल्क न लगने से अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे और किसानों को बेहतर कीमत मिलेगी।

भारत को अमेरिका के लगभग 160 अरब डॉलर के बाजार में तरजीही मिलेगी

इसके अलावा, 18 प्रतिशत के पारस्परिक टैरिफ के साथ भारत को अमेरिका के लगभग 160 अरब डॉलर के बड़े आयात बाजार में तरजीही पहुंच मिलेगी। इससे उन कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, जिनमें भारत पहले से वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में है। विशेष रूप से समुद्री उत्पादों के लिए यह समझौता अहम है, क्योंकि इस क्षेत्र को 25 अरब डॉलर के अमेरिकी आयात बाजार में कम शुल्क पर पहुंच मिलेगी, जिससे तटीय इलाकों में आजीविका और निर्यात आधारित आय में इजाफा होने की उम्मीद है।

यह समझौता तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है

1.पहला स्तंभ बड़े निर्यात लाभ से जुड़ा है। भारतीय समुद्री उत्पाद पहले से ही अमेरिका के कुल समुद्री आयात में 2.45 अरब डॉलर का योगदान देते हैं, जबकि कुल बाजार 24.89 अरब डॉलर का है, जिससे विस्तार की बड़ी संभावना बनती है। इसी तरह मसाले (358 मिलियन डॉलर), चावल (389 मिलियन डॉलर), चाय-कॉफी (82.5 मिलियन डॉलर) और फल (32.7 मिलियन डॉलर) जैसे उत्पाद पहले से मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

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2. दूसरा स्तंभ वानिकी से जुड़े उत्पादों पर केंद्रित है। वनस्पति सैप जैसे उत्पादों का अमेरिका में भारत से आयात 285.5 मिलियन डॉलर का है, जबकि कुल अमेरिकी आयात बाजार 743.9 मिलियन डॉलर का है। इन पर शून्य शुल्क से आदिवासी और एग्रो-फॉरेस्ट्री आधारित आय को बढ़ावा मिलेगा।

3. तीसरा स्तंभ भविष्य की फसलों और आजीविका से जुड़े उत्पादों पर ध्यान देता है। प्रोसेस्ड फलों, नारियल तेल और नारियल से बने उत्पादों का अमेरिका में आयात पहले से जारी है, लेकिन कुल बाजार सैकड़ों मिलियन डॉलर का है। इससे छोटे किसानों और महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
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कुल मिलाकर, आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि भारत-अमेरिका बीटीए के तहत भारत को कृषि निर्यात में बढ़त, बेहतर मूल्य प्राप्ति और किसानों के लिए व्यापक आजीविका समर्थन मिलने की पूरी संभावना है।
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