घरेलू बाजार में एफआईआई की बिक्री जारी, वैश्विक शेयर बाजारों में तनाव बढ़ा
कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान कहते हैं, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने मार्च 2026, तक (13 मार्च 2026 तक) एफआईआई निवेशकों ने 46,166.58 करोड़ रुपये की शुद्ध बिक्री की। आगामी सप्ताह में भी यह संभावना बनी रहेगी। वे कहते हैं, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और आर्थिक राहत के लिए किसी भी तरह के उपाय नहीं होने से वैश्विक शेयर बाजार तनाव में हैं। मैक्रो आर्थिक मोर्चे पर भी नई सीपीआई शृंखला पर आधारित फरवरी की सीपीआई मुद्रास्फीति 3.2 प्रतिशत वार्षिक (जनवरी: 2.7%) पर लगातार बढ़ती रही। विदेशी निवेश निधि (एफपीआई) प्रवाह में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
घरेलू निवेशकों ने भारी विदेशी बिकवाली का असर कम किया
पोनमुडी आर ने कहा कि सप्ताह के दौरान, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने लगातार बिकवाली जारी रखी और 35,052 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो वैश्विक सतर्कता और पूंजी प्रवाह में बदलाव को दर्शाता है। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 37,740 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर मजबूत समर्थन प्रदान किया। इससे विदेशी बिकवाली के दबाव का एक बड़ा हिस्सा अवशोषित हो गया। इन मजबूत घरेलू निवेश प्रवाह ने बाजार को सहारा देने और मौजूदा बाहरी चुनौतियों के बीच बाजार की भावना को स्थिर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उभरते बाजारों के मुकाबले भारत का मूल्यांकन अभी भी महंगा
राव कहते हैं, उभरते बाजारों के मुकाबले भारत का मूल्यांकन अभी भी महंगा है, लेकिन भारत की दीर्घकालिक विकास गाथा के कारण अपरिवर्तित हैं, हालांकि अब क्षेत्र और अवसर भिन्न हो सकते हैं। अल्पावधि में मिड/स्मॉल कैप शेयरों के बजाए लार्ज कैप शेयरों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए, चरणबद्ध निवेश करना बाजारों में निवेश करने का सही तरीका होगा।