यह लोग बैंक के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर के लोगों को फोन करते थे कि उनका कार्ड रिन्यू हो रहा है या फिर उसे आधार से लिंक किया जा रहा है। बैंक की डिटेल्स मिलने के बाद वो खाते से सारा पैसा निकाल लेते और उसे मोबाइल वॉलेट में ट्रांसफर कर देते थे।
मोबाइल वॉलेट चलाने के लिए भी फर्जी आईडी से फोन नंबर लिया जाता था, ताकि कोई पकड़ नहीं सके। मोबाइल वॉलेट से पैसा निकालने के बाद यह पैसा पंजाब की बैंक शाखा में मौजूद कैश डिपॉजिट मशीन से झारखंड में मौजूद खातों में जमा करा दिया जाता है।
बरामद हुआ यह सामान
पुलिस ने कॉल सेंटर से 25 सेलफोन, 19 सिम कार्ड, 5 एटीएम कार्ड, 1 मॉडम, 1 राउटर, 1 हार्ड डिस्क और चार मेमोरी कार्ड बरामद किए हैं। इस फर्जी कॉल सेंटर को चलाने वाले मुख्य आरोपी मंडल ने बताया कि 2015 में उसने यह फर्जीवाड़ा शुरू किया था। इससे पहले वो कानपुर में एक आइसक्रीम फैक्ट्री में काम करता था।