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Share Market Watch: अमेरिका-ईरान शांति संकेतों के बीच इस हफ्ते कैसा रहा बाजार? जानें सेंसेक्स-निफ्टी का हाल

Sat, 18 Apr 2026 12:14 PM IST
Riya Dubey बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की उम्मीदों, मजबूत रुपये और कच्चे तेल की नरम कीमतों से भारतीय शेयर बाजार को सहारा मिला। बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 में 0.65% की बढ़त रही। आइए विस्तार से जानते हैं।
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शेयर बाजार का हाल - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच जारी शांति वार्ता की उम्मीदों ने इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार को मजबूत सहारा दिया। रुपए में मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिसके चलते बाजार में व्यापक खरीदारी देखने को मिली।

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 504.86 अंक यानी 0.65 फीसदी की बढ़त के साथ 78,493.54 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 156.80 अंक या 0.65 फीसदी चढ़कर 24,353.55 के स्तर पर बंद हुआ।

पूरे सप्ताह बाजार का रुख सकारात्मक बना रहा

सेक्टोरल स्तर पर लगभग सभी इंडेक्स में तेजी रही। बजाज ब्रोकिंग रिसर्च के मुताबिक, पूरे सप्ताह बाजार का रुख सकारात्मक बना रहा। खासतौर पर एफएमसीजी, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में एक से तीन फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई, जबकि आईटी सेक्टर अपेक्षाकृत कमजोर रहा।

बड़े सूचकांकों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में करीब 1.27 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 1.48 फीसदी की तेजी देखने को मिली।

क्या है विशेषज्ञों की राय?

विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में इस हफ्ते धीरे-धीरे लेकिन स्थिर रिकवरी देखने को मिली। वैश्विक माहौल में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों के सेंटिमेंट को मजबूत किया। हालांकि सतर्कता बनी रही, लेकिन गिरावट पर खरीदारी और जोखिम लेने की क्षमता बढ़ने से बाजार को मजबूती मिली।

विशेषज्ञ पोनमुडी आर के अनुसार, हाल के मुकाबले बाजार का उतार-चढ़ाव इस बार नियंत्रित रहा। गिरावट पर खरीदारी यह संकेत देती है कि बाजार का सेंटिमेंट धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। हालांकि अभी भी बाजार निर्णायक ब्रेकआउट देने में सफल नहीं हुआ है, जिससे संकेत मिलता है कि ट्रेंड बदलाव के दौर में है।

विदेशी निवेशकों का लौटा भरोसा

निवेश प्रवाह की बात करें तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के रुख में सुधार दिखा। लगातार बिकवाली के बाद उन्होंने हफ्ते के आखिरी तीन सत्रों में खरीदारी की, हालांकि पूरे सप्ताह में करीब 250 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई।

वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (DII), जो अब तक बाजार को सहारा दे रहे थे, हफ्ते के अंत में मुनाफावसूली करते नजर आए। पूरे सप्ताह में डीआईआई की ओर से करीब 6,300 करोड़ रुपये की निकासी हुई।

इसके बावजूद, बाजार में स्थिरता बनाए रखने में घरेलू निवेशकों की भूमिका मजबूत बनी हुई है। कुल मिलाकर, कच्चे तेल की नरम कीमतें, बेहतर वैश्विक संकेत और संतुलित निवेश प्रवाह बाजार में “सतर्क आशावाद” का माहौल बना रहे हैं, जहां गिरावट का जोखिम सीमित और तेजी की संभावना धीरे-धीरे बढ़ती दिख रही है।

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