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Insurance: प्राकृतिक आपदाओं से घर, कीमती सामान बचाएगा होम इंश्योरेंस; पॉलिसी चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान

Mon, 14 Apr 2025 05:27 AM IST
निर्मल कांत कालीचरण, अमर उजाला।

सार

Insurance: प्राकृतिक आपदा की बढ़ती घटनाओं के कारण होम इंश्योरेंस एक जरूरी सुरक्षा उपाय बन गया है। जब आप अपनी होम इंश्योरेंस पॉलिसी चुनते हैं, तो सम इंश्योर्ड की सही राशि का निर्धारण करना बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह आपके घर की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक राशि को कवर करता है।
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होम इंश्योरेंस - फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
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हाल के वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं में भारी वृद्धि हुई है। इसने हमारे घरों को पहले की तुलना में अधिक असुरक्षित बना दिया है। ऐसे में होम इंश्योरेंस जैसा एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच इन आर्थिक झटकों को संभालने और उनसे उबरने के लिए जरूरी हो जाता है। आप जब होम इंश्योरेंस पॉलिसी चुनते हैं, तो उचित सम इंश्योर्ड और कवरेज को तय करना महत्वपूर्ण पहलू है। इसके अलावा, कई ऐसे क्लॉज और एक्सटेंशंस  हैं, जिन्हें एक व्यापक वित्तीय सुरक्षा व बेहतर क्लेम सेटलमेंट के लिए होम इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल किया जाना चाहिए। इससे आपके घर के साथ सामानों को भी प्रभावी ढंग से सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

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क्या है सम इंश्योर्ड का मतलब
सरल शब्दों में, सम इंश्योर्ड को उस लागत के आधार पर निर्धारित किया जाता है, जो किसी घर को हुए पूर्ण नुकसान की स्थिति में उसे फिर से बनाने के लिए आवश्यक होती है। कुछ कंपनियों के बीमा उत्पादों में बाजार मूल्य पर इंश्योरेंस कराने का विकल्प भी उपलब्ध होता है।

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री-इंस्टेेटमेंट वैल्यू क्लॉज
इसके तहत घर के स्ट्रक्चर के पुनर्निर्माण या मरम्मत का मूल्य होता है। इसमें कुल नुकसान के क्लेम के मामले में मूल्य में कमी लागू नहीं की जाती। अगर पॉलिसी में शामिल जोखिम के कारण आपके घर को नुकसान पहुंचता है, तो उसी प्रकार का घर फिर से बनाने में आने वाली लागत का भुगतान किया जाता है। यदि कोई वाहन आपके कंपाउंड वॉल को क्षतिग्रस्त कर देता है, तो इस क्लॉज के तहत बीमा कंपनी उसी लंबाई और मजबूती के साथ नई दीवार बनाने का खर्च देगी। 

मार्केट वैल्यू का आधार
यह बीमा मूल्य का वह रूप है, जो संपत्ति की मौजूदा बाजार मूल्य या रीसेल वैल्यू को दर्शाता है। यह राशि वर्ग फुट क्षेत्रफल को सरकारी रेडी रेकनर दर से गुणा कर निर्धारित की जाती है या किसी मान्यता प्राप्त वैल्यूअर की रिपोर्ट के आधार पर होती है। इसके अलावा, घर के अंदर कीमती सामान क्षतिग्रस्त होने पर पॉलिसी के तहत सहमत मूल्य के आधार पर बीमित राशि तय की जाती है। यानी आपको उस सामान की पूरी कीमत मिल जाती है। 

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एस्केलेशन क्लॉज: बीमा राशि में वृद्धि
इसमें बीमा राशि ऑटोमैटिक बढ़ती है। यह तब उपयोगी है, जहां समय के साथ घर का मूल्य बढ़ता है। पॉलिसी की शुरुआत में एक प्रतिशत तय होता है, जैसे 25 फीसदी या कुछ और। हर दिन बीमा राशि में 25% के 365वें भाग के बराबर वृद्धि होती है। इससे साल के अंत तक कुल 25% वृद्धि होती है।

सही क्लॉज चुनें, तो आसान होगा क्लेम
बीमित राशि या सम इंश्योर्ड जैसे सरल शब्दों को समझने और अपने घर के लिए पॉलिसी खरीदते समय उपयुक्त राशि के चयन करने से क्लेम के दौरान काफी आसानी होती है। अपनी जरूरतों के अनुसार उचित क्लॉज का चयन कर आप अपने घर की सुरक्षा को बढ़ा सकते हैं। इससे आपको नुकसान की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।
-गुरदीप सिंह बत्रा, हेड, प्रॉपर्टी, रिस्क इंजीनियरिंग सर्विसेज, बजाज आलियांज ज. इंश्योरेंस


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