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संकट में हॉलीवुड का सबसे बड़ा विलय: पैरामाउंट-वार्नर मर्जर पर क्यों लगी रोक, क्या है 81 अरब डॉलर की डील?

Tue, 21 Jul 2026 01:03 AM IST
राकेश कुमार पीटीआई, न्यूयॉर्क।

सार

फेडरल कोर्ट ने पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के 81 अरब डॉलर के मेगा मर्जर पर दो हफ्ते की अस्थायी रोक लगा दी है। अमेरिका के 12 राज्यों ने हॉलीवुड में कंपटीशन खत्म होने और उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचने का दावा करते हुए इस डील को अदालत में चुनौती दी है।

 

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पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स विलय - फोटो : @AI/अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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हॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी कारोबारी डील पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के बीच प्रस्तावित 81 अरब डॉलर के मेगा मर्जर पर अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने अस्थायी रोक लगा दी है। कोर्ट ने दोनों कंपनियों को कम से कम दो सप्ताह तक इस सौदे को आगे नहीं बढ़ाने का आदेश दिया है।
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यह फैसला अमेरिका के उन 12 राज्यों के पक्ष में आया है, जिन्होंने इस डील को अदालत में चुनौती दी है। राज्यों का कहना है कि अगर दोनों मीडिया दिग्गज एक हो गए तो हॉलीवुड में प्रतिस्पर्धा कमजोर होगी और इसका सीधा असर दर्शकों की पसंद व जेब पर पड़ेगा।

क्यों लगी रोक?
फेडरल डिस्ट्रिक्ट जज अरासेली मार्टिनेज-ओल्गुइन ने राज्यों की याचिका पर सुनवाई के बाद यह अस्थायी रोक लगाई। अदालत का कहना है कि राज्यों को अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने का पर्याप्त समय मिलना चाहिए। इसी वजह से फिलहाल मर्जर प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।
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12 राज्यों ने क्यों किया विरोध?
कैलिफोर्निया की अगुवाई में 12 राज्यों ने पिछले सप्ताह कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। उनका तर्क है कि इस विलय के बाद मनोरंजन उद्योग में प्रतिस्पर्धा कम हो जाएगी और कुछ बड़ी कंपनियों का दबदबा बढ़ जाएगा।

राज्यों का यह भी दावा है कि इससे:-
  • दर्शकों के पास कंटेंट के विकल्प कम हो सकते हैं।
  • केबल टीवी और मनोरंजन सेवाओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।
  • फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा कमजोर पड़ सकती है।
  • कंपनियों ने नहीं मानी थी राज्यों की मांग

राज्यों ने पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी से अनुरोध किया था कि अदालत का फैसला आने तक डील को अंतिम रूप न दिया जाए। लेकिन दोनों कंपनियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद राज्यों ने कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

आगे क्या होगा?
फिलहाल यह रोक दो सप्ताह के लिए है। इस दौरान अदालत मामले की अगली सुनवाई करेगी। यदि कोर्ट को राज्यों की दलीलें मजबूत लगीं तो वह प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी कर सकता है, जिससे इस मेगा डील पर लंबे समय के लिए रोक लग सकती है।

यह भी पढ़ें: बुनियादी उद्योगों में लौटी रफ्तार: जून में पांच प्रतिशत उत्पादन बढ़ा, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कैसे संकेत?

मामले से जुड़ी पांच बड़ी बातें
  1. 81 अरब डॉलर के पैरामाउंट-वार्नर मर्जर पर दो सप्ताह की रोक।
  2. कैलिफोर्निया समेत 12 राज्यों ने कोर्ट में दी चुनौती।
  3. राज्यों का दावा- मर्जर से प्रतिस्पर्धा घटेगी।
  4. मनोरंजन सेवाओं की कीमतें बढ़ने की आशंका जताई गई।
  5. अगली सुनवाई में डील पर लंबी रोक का फैसला हो सकता है।
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क्यों हो रहा है पैरामाउंट-वार्नर मर्जर?
पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी का प्रस्तावित विलय तेजी से बदलते वैश्विक मनोरंजन बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। नेटफ्लिक्स, डिज्नी और अमेजन प्राइम वीडियो जैसे बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से बढ़ती प्रतिस्पर्धा, पारंपरिक केबल टीवी कारोबार में गिरावट और कंटेंट पर बढ़ते खर्च के बीच दोनों कंपनियां अपने फिल्म स्टूडियो, टीवी नेटवर्क, स्ट्रीमिंग सेवाओं और कंटेंट लाइब्रेरी को एक छत के नीचे लाकर लागत घटाने, राजस्व बढ़ाने और वैश्विक बाजार में मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, विरोध करने वाले राज्यों का कहना है कि इतने बड़े विलय से हॉलीवुड में प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है, जिसका असर उपभोक्ताओं के विकल्प और कीमतों पर पड़ सकता है।
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