फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक और भगोड़ा हुआ गिरफ्तार, स्टर्लिंग बॉयोटेक घोटाले का आरोपी है हितेश पटेल

Fri, 22 Mar 2019 01:51 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
स्टर्लिंग बायोटेक
विज्ञापन

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्टर्लिंग बॉयोटेक घोटाले के मुख्य आरोपी व भगोड़े कारोबारी हितेश पटेल को अल्बेनिया से गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ 11 मार्च को रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। 

विज्ञापन


पटेल को अल्बेनिया के नेशनल क्राइम ब्यूरो ने 20 मार्च को गिरफ्तार किया था। ईडी के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि उसको जल्द ही भारत वापस लाया जाएगा।  


कोर्ट ने जारी किया था खुला गैर जमानती वारंट

इससे पहले इसी साल पांच जनवरी को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड (एसबीएल) मनी लांड्रिंग मामले में कंपनी के चार निदेशकों के खिलाफ खुला गैर-जमानती वारंट जारी किया। इन आरोपियों में कंपनी निदेशक नितिन जयंती लाल संदेसरा, चेतन कुमार जयंती लाल संदेसरा, दीप्ति चेतन संदेसरा और हितेश कुमार नरेंद्र भाई पटेल शामिल हैं।

विज्ञापन


ईडी ने एसबीएल के खिलाफ धनशोधन रोकथाम कानून की धाराओं के तहत कथित बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोपियों द्वारा आयकर विभाग के अधिकारियों को कथित रूप से रिश्वत देने की शिकायत के मामले की भी जांच ईडी कर रही है। निदेशालय ने 24 दिसंबर को अदालत को सूचित किया था कि वह एसबीएल के निदेशकों के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कराना चाहता है। खुले गैर-जमानती वारंट के तहत गैर-जमानती वारंट के विपरीत मुकदमे के लिए समय सीमा तय नहीं होती।
 
अदालत ने पांच हजार करोड़ की धोखाधड़ी मामले में गुजरात की फार्मा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक के निदेशक को सम्मन जारी किया है। ईडी द्वारा दायर किए गए पूरक आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने मामले में कंपनी निदेशक को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। 

विज्ञापन

यह है पूरा मामला

बैंक से पांच हजार करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी के इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कोर्ट में दायर किए गए पूरक आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने दीक्षित को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। इससे पहले सीबीआई ने अक्तूबर 2017 में कंपनी के खिलाफ आरोप लगाया था कि कंपनी ने आंध्र बैंक की अगुवाई में बैंकों के एक संघ से ऋण लिया था, जो अब गैर-निष्पादित आस्तियां (डूबा हुआ कर्ज) बन चुका है। 

इस मामले में राजभूषण के अलावा स्टर्लिंग बायोटेक कंपनी के निदेशकों चेतन जयंतीलाल संदेसरा, दीप्ति चेतन संदेसरा, नितिन जयंतीलाल संदेसरा, विलास जोशी और चार्टर्ड अकाउंटेंट हेमंत हैती को भी आरोपी बनाया गया। इसके साथ ही आंध्रा बैंक के पूर्व निदेशक अनूप गर्ग और कई अज्ञात लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया था। इस कंपनी और इसके प्रमोटर्स नितिन संदेसरा व चेतन संदेसरा के खिलाफ ईडी ने अक्तूबर 2017 में मनी लॉन्ड्रिंग का भी मामला दर्ज किया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें