हिंदुजा समूह के चेयरमैन गोपीचंद परमानंद हिंदुजा का लंदन के एक अस्पताल में निधन हो गया। परिवार के करीबी सूत्रों ने यह जानकारी दी। वह 85 वर्ष के थे। हिंदुजा परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि व्यापारिक जगत में 'जीपी' के नाम से मशहूर गोपीचंद पी. हिंदुजा पिछले कुछ सप्ताह से बीमार थे और लंदन के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया।
आजादी के पहले अपना कारोबारी सफर शुरू करने वाले हिंदुजा परिवार में जन्मे गोपीचंद हिंदुजा 1959 में मुंबई में अपने पारिवारिक उद्यम में शामिल हुए। बीते कई दशकों में उन्होंने हिंदुजा समूह को एक पारंपरिक व्यापारिक संचालन से बैंकिंग, वित्त, ऊर्जा, मोटर वाहन, मीडिया और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक वैश्विक औद्योगिक महाशक्ति बनाने में मदद की। उनके नेतृत्व में समूह ने अपने कुछ सबसे महत्वपूर्ण अधिग्रहण किए। इनमें 1984 में गल्फ ऑयल और तीन साल बाद अशोक लीलैंड का अधिग्रहण शामिल है।
अशोक लीलैंड भारत में प्रवासी भारतीयों की ओर से किए गए पहले बड़े निवेशों में से एक था। समूह की वेबसाइट के अनुसार, मुंबई के जय हिंद कॉलेज से स्नातक जीपी को व्यवसाय में उनके योगदान के लिए वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय से मानद डॉक्टरेट ऑफ लॉ और लंदन के रिचमंड कॉलेज से मानद डॉक्टरेट ऑफ इकोनॉमिक्स की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
हिंदुजा समूह की स्थापना 1919 में हुई। उस समय इसके संस्थापक परमानंद दीपचंद हिंदुजा सिंध (तब भारत का हिस्सा, अब पाकिस्तान में) से ईरान चले गए और एक वैश्विक समूह बनने की नींव रखी। समूह ने 1979 में अपना मूल कारोबार ईरान से लंदन ले गया और वैश्विक विस्तार के एक नए युग की शुरुआत की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुंबई स्थित हिंदुजा समूह दुनिया भर में लगभग दो लाख लोगों को रोजगार देता है।
इस साल की शुरुआत में द संडे टाइम्स रिच लिस्ट ने गोपी हिंदुजा और उनके परिवार को लगातार दूसरे साल ब्रिटेन का सबसे अमीर व्यक्ति बताया था। उनकी कुल संपत्ति 35.3 अरब पाउंड थी। यह 2024 के 37.2 अरब पाउंड से थोड़ी कम है। इस गिरावट के बावजूद हिंदुजा परिवार सूची में शीर्ष पर बना रहा।