हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार (3 फरवरी) को भी शुरुआती कारोबार में अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 35% की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के शेयरों में यह कमजोरी एसएंडपी डाउ जोंस के यह कहने के बाद आया कि उसके स्थिरता सूचकांक से अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर 7 फरवरी से हटा दिए जाएंगे। हालांकि बीएसई पर कंपनी के शेयर आखिरकार एक प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे।
एसएंडपी डाउ जोंस ने गुरुवार को जानकारी दी कि मीडिया में अदाणी समूह के संबंध में चल रही खबरों के बाद उसके शेयरों में जारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए इंडेक्स ने समूह के शेयरों को अपने स्थिरता सूचकांक से हटाने का फैसला किया है। यह फैसला सात फरवरी से लोगे होगा।
शेयर बाजार में अदाणी ग्रुप के शेयरों पर अफरातफरी हिंडनबर्ग की उस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद देखी जा रही है जिसमें समूह के खातों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और धोखाधड़ी का दावा किया गया है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अदाणी समूह के शेयर मौलिक आधार पर अदाणी समूह के शेयरों में 85 प्रतिशत तक के गिरावट की संभावना है। ऐसा कंपनी के आसमान छूते वैल्युएशन के कारण है। रिपोर्ट में पिछले कई दशकों में अदाणी ग्रुप पर खातों में गड़बड़ी, स्टॉक्स में हेराफेरी और धनशोधन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
# अदाणी समूह ने हिंडनबर्ग के आरोपों का किया है खंडन
दूसरी ओर, अदाणी समूह ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में कही गई बातों का खंडन करते हुए कहा गया है कि यह रिपोर्ट उचित तरीके से नहीं किया गया है और कंपनी की घोषणाओं को ही कॉपी-पेस्ट कर रिपोर्ट तैयार कर दी गई है। अपने 400 पन्नों के जवाब में गौतम अदाणी के नेतृत्व वाले समूह ने हिंडनबर्ग के सभी आरोपों को भ्रामक बताया है।