बारिश ज्यादा हुई तो ऊंची बनी रह सकती है कीमत
व्यापारियों का कहना है कि आगे भी कीमतें ऊंची रहेंगी, ऐसी संभावना नहीं है। जब नई फसल आएगी तो कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। लेकिन अगर हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में बारिश ज्यादा रही तो फसलों पर असर पड़ सकता और कीमतें ऊंची रह सकती हैं। खबरों के मुताबिक, पिछले साल टमाटर की बुआई कम हुई थी, क्योंकि ज्यादातर किसानों ने बीन्स की बुआई शुरू कर दी थी। टमाटर की तुलना में बीन्स का भाव ज्यादा होने से किसानों की अच्छी कमाई होती है।
बर्बाद हो गई थी फसल
व्यापारियों का कहना है कि जब पिछले महीने टमाटर की कीमतें एकदम निचले भाव पर पहुंच गई थीं, तब किसानों ने इसकी फसल को खेतों में वैसे ही छोड़ दिया था, जिससे काफी फसल बर्बाद हो गई और इससे आवक भी घट गई। कम भाव मिलने के कारण किसानों ने फसलों पर पेस्टिसाइड या खादों का छिड़काव नहीं किया जिससे उत्पादन में कमी आई।
टमाटर की कीमतों में उछाल
- फोटो : Amar Ujala
टमाटर की कीमतों में उछाल
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हरी सब्जियों की कीमतों में भी उछाल
मानसून की बारिश शुरू होने से भी टमाटर की फसल प्रभावित हुई। टमाटर ही नहीं मंडियों में अन्य हरी सब्जियों की कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है। हालांकि, उम्मीद की जा रही है कि कुछ राज्यों में अगले एक दो महीनों जब टमाटर व अन्य सब्बियों की नई खेप की आवक बढ़ेंगी कीमतों में राहत मिलगी।