नवंबर को बाल दिवस मनाने के साथ एक माता-पिता के रूप में हमें अपने बच्चों की सुरक्षा की सबसे ज्यादा चिंता भी रहती है। हालांकि, सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद हम हर समय उनकी सुरक्षा नहीं कर पाते हैं। वे जब घायल हो जाते हैं या किसी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं तो उन्हें तत्काल इलाज की जरूरत पड़ती है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है कि उन्हें बेहतर इलाज मिले। यह तभी संभव हो, जब स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में बच्चों का कवरेज शामिल हो। इसके लिए फैमिली फ्लोटर प्लान बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इसमें आप पत्नी के साथ बच्चों को भी शामिल कर सकते हैं।
कवरेज इसलिए जरूरी
लोगों का मानना है कि बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कम होती हैं। लेकिन, यह धारणा सही नहीं है। वास्तव में शुरुआती वर्षों में बच्चों में वयस्कों की तरह मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली नहीं होती है। वे जल्द संक्रमण या छोटी-मोटी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं, जो जल्द ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में बदल सकती है। ऐसे किसी भी संभावित नुकसान से उन्हें बचाना तभी संभव है, जब आपके पास बच्चों के लिए स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी होगी।
जेब पर बोझ डाले बिना बेहतर इलाज
स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी होने पर यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि जरूरत के समय इलाज खर्च की चिंता किए बिना बच्चों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके। पॉलिसी सर्जन की फीस, अस्पताल कमरे का किराया, इलाज खर्च व एंबुलेंस लागत जैसे खर्चों को कवर करती है। यह जेब पर बोझ डाले बिना आपात चिकित्सा स्थिति से निपटने में मदद करती है।
25 वर्ष तक बच्चे को मिलता है कवर
फैमिली फ्लोटर पॉलिसी में बच्चों को 25 साल की उम्र तक शामिल किया जाता है। इसके बाद बच्चे को इस पॉलिसी से अलग कर दिया जाता है। इसके बाद उनके लिए अलग से पॉलिसी लेनी पड़ती है। ध्यान देने वाली बात है कि फैमिली फ्लोटर पॉलिसी में बीमाधारक की आयु काफी निर्भर करती है। उसी आधार पर प्रीमियम निर्धारित होता है।
बच्चे को वित्तीय रूप से साक्षर बनाने का मौका
भास्कर नेरुरकर, प्रमुख, हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन, बजाज आलियाज जनरल इंश्योरेंस का कहना है कि बीमा सिर्फ वित्तीय सुरक्षा का ही मामला नहीं है बल्कि यह बच्चों को वित्तीय योजना बनाने के बारे में सिखाने का भी मौका है। स्वास्थ्य बीमा के होने वाले लाभ के बारे में बताकर आप उन्हें छोटी उम्र से ही वित्तीय रूप से साक्षर बना सकते हैं।