एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहलों पर 1,316.18 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह पिछले वित्त वर्ष से 248 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि है। बैंक ने गुरुवार, 30 जुलाई, 2026 को एक बयान में यह जानकारी दी। बैंक की सीएसआर पहल 'परिवर्तन' ने 10.77 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है।
बैंक ने अपने व्यापक कार्यक्रम के तहत कुल मिलाकर लगभग 7,492 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसकी सीएसआर पहलें अब भारत के सभी 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों में फैली हुई हैं। बैंक का प्रमुख समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम (एचआरडीपी) देश भर के 11,000 से अधिक गांवों तक पहुंच गया है। यह संख्या एक साल पहले के 10,430 से अधिक गांवों से बढ़ी है। यह कार्यक्रम जल प्रबंधन, कृषि, आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता और सामुदायिक बुनियादी ढांचे को कवर करता है। इसका उद्देश्य ग्रामीण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करते हुए जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।
बैंक ने दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में भी अपने काम को गहरा किया है। इसने 498 सीमावर्ती गांवों तक अपनी पहुंच बढ़ाई है, जो पिछले वर्ष के 298 गांवों से अधिक है। यह विस्तार सरकार के सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम और जीवंत ग्राम कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है। इन क्षेत्रों में ग्रामीण विद्युतीकरण, आजीविका वृद्धि और कृषि, शिक्षा व स्वास्थ्य में बुनियादी ढांचे में सुधार शामिल है।
सीएसआर खर्च में कितनी वृद्धि हुई?
एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में सीएसआर पहलों पर 1,316.18 करोड़ रुपये का व्यय किया है। यह राशि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 248 करोड़ रुपये से अधिक बढ़ी है। प्रतिशत के हिसाब से यह 23 फीसदी की वृद्धि दर्शाती है। बैंक की 'परिवर्तन' पहल ने देश भर में 10.77 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। बैंक ने अपने सीएसआर कार्यक्रमों के तहत कुल 7,492 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
ग्रामीण विकास कार्यक्रम का विस्तार कैसे हुआ?
बैंक का समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम (एचआरडीपी) देश के 11,000 से अधिक गांवों तक पहुंच गया है। पिछले वर्ष यह कार्यक्रम 10,430 से अधिक गांवों में संचालित हो रहा था। इस कार्यक्रम में जल प्रबंधन, कृषि, आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और स्वच्छता जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। यह कार्यक्रम ग्रामीण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर भी केंद्रित है।
सीमावर्ती गांवों में क्या काम किया जा रहा है?
बैंक ने दूरदराज और दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों में भी अपनी पहुंच बढ़ाई है। अब यह 498 सीमावर्ती गांवों को कवर कर रहा है, जो पिछले वर्ष के 298 गांवों से अधिक है। यह विस्तार राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, जैसे सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम और जीवंत ग्राम कार्यक्रम के तहत किया गया है। इन क्षेत्रों में ग्रामीण विद्युतीकरण, आजीविका में सुधार और बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। एचडीएफसी बैंक के उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा ने कहा कि उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी समुदाय पीछे न छूटे।