एचडीएफसी बैंक को भरोसा है कि चालू वित्त वर्ष 2026 में उसका ऋण बैंकिंग उद्योग के औसत के बराबर बढ़ेगा और अगले साल वह इस औसत से आगे निकल जाएगा। यह बात एचडीएफसी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन ने हितधारकों को भेजे संदेश में कहा।
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जगदीशन ने कहा कि वित्त वर्ष 2025 बैंक के विलय के बाद का पहला पूरा साल था। इस दौरान बैंक ने मजबूत वृद्धि दर्ज की और उच्च गुणवत्ता वाली संपत्ति को बनाए रखा। एचडीएफसी लिमिटेड का एचडीएफसी बैंक में 1 जुलाई 2023 को विलय हो गया, जिससे यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया।
शुद्ध लाभ और शुद्ध ब्याज में आई वृद्धि
उन्होंने बताया कि मार्च 2025 में शुद्ध लाभ 10.7 प्रतिशत बढ़कर 67,347.4 करोड़ रुपये हो गया, जबकि शुद्ध ब्याज आय में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बैंक की बैलेंस शीट 8 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 39,10,199 करोड़ रुपये हो गई। सकल एनपीए कुल ऋण का 1.33 प्रतिशत था। कुल ऋण 5.4 प्रतिशत बढ़कर 26,19,609 करोड़ रुपये हो गया, जबकि जमा 14.1 प्रतिशत बढ़कर 27,14,715 करोड़ रुपये हो गया।
उच्च लागत वाले कर्ज में आई गिरावट
सीईओ ने कहा कि बैंक की जमा राशि कर्ज के मुकाबले 2.5 गुना तेजी से बढ़ी है। उच्च लागत वाले उधारों का प्रतिशत घटकर 14% रह गया। वहीं क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेशियो विलय के समय के लगभग 110% से घटकर मार्च 2025 तक 96% हो गया है।
शाखाओं की बाजर में 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बढ़ी
जगदीशन ने बताया कि बैंकिंग प्रणाली में शाखाओं की 5 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ, बैंकिंग जमाओं में हिस्सेदारी 11 प्रतिशत पहुंच गई है। पिछले वित्त वर्ष में बैंक ने 14.6% की इन्क्रीमेंटल डिपॉजिट मार्केट हिस्सेदारी हासिल की।
विलय के बाद बैंक काफी मजबूत हुआ
उन्होंने कहा कि हमने विलय को सफलतापूर्वक पार किया है और अब बैंक तेज विकास की स्थिति में है। ऋण वृद्धि में सुधार और विलय के बाद बैंक का आकार काफी मजबूत हो गया है, जो अब विकास के अवसरों का और अधिक लाभ उठाने के लिए तैयार है। बैंक साइबर सुरक्षा और डिजिटल लचीलापन बढ़ाने के लिए रणनीतिक और तकनीकी पहलों पर भी काम कर रहा है।