देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, एचडीएफसी बैंक ने अपने कर्जदारों को त्योहारी सीजन से ठीक पहले बड़ी राहत दी है। बैंक ने अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में सभी अवधियों पर 15 बेसिस प्वाइंट्स (0.15%) तक की कटौती करने का फैसला किया है। नई दरें आज से ही से लागू हो गई हैं। बैंक के इस कदम से होम लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन समेत एमसीएलआर से जुड़े लोन लेने वाले ग्राहकों की मासिक किस्त या ब्याज का बोझ कम होगा। ऐसे समय में जब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति में रेपो रेट को बढ़ाकर 5.5% कर दिया है, एचडीएफसी बैंक की ओर से एमसीएलआर दरों में की गई यह कटौती ग्राहकों के लिए एक राहत भरी खबर है।
एचडीएफसी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, एमसीएलआर में संशोधन के बाद अब नई ब्याज दरें 7.80% से 8.55% के दायरे में आ गई हैं, जो पहले 7.90% से 8.60% तक थीं। बैंक ने ओवरनाइट से लेकर 3 साल तक की सभी अवधियों के लिए दरों में 5 बेसिस प्वाइंट्स से लेकर 15 बेसिस प्वाइंट्स तक की कमी की है।
मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 2016 में पेश किया गया एक बेंचमार्क रेट है। यह किसी भी वित्तीय संस्थान या बैंक द्वारा किसी लोन के लिए ली जाने वाली न्यूनतम ब्याज दर सीमा तय करता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 7 अक्तूबर 2026 को अपनी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो रेट को 5.25% से बढ़ाकर 5.50% कर दिया है। केंद्रीय बैंक द्वारा रेपो दर में 25 bps की बढ़ोतरी के बावजूद, एचडीएफसी बैंक द्वारा अपने फंड की लागत के आधार पर एमसीएलआर दरों में 15 bps तक की कटौती करना ग्राहकों के लिए वित्तीय राहत प्रदान करता है। यह कदम विशेष रूप से उन ग्राहकों के लिए फायदेमंद होगा जिनका लोन एक्सटर्नल बेंचमार्क (ईबीएलआर) के बजाय पुराने एमसीएलआर सिस्टम से जुड़ा हुआ है।
एचडीएफसी बैंक की आरे से बुधवार को लागू की गई एमसीएलआर कटौती बैंक के करोड़ों मौजूदा और नए कर्जदारों के लिए राहत लेकर आई है। यदि आपका लोन भी एचडीएफसी बैंक के एमसीएलआर से जुड़ा हुआ है, तो अपनी लोन रीसेट तिथि पर संशोधित ब्याज दर और नई ईएमआई की गणना बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से जरूर चेक कर लें।