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ट्रंप प्रशासन ने दिया H-1B वीजा के लिए कंप्यूटरीकृत लॉटरी व्यवस्था समाप्त करने का प्रस्ताव

Thu, 29 Oct 2020 03:52 PM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
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H-1B Visa - फोटो : pixabay
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ट्रंप प्रशासन ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम करने वाले विदेशी पेशेवरों को एच-1बी वीजा देने के लिए कंप्यूटरीकृत लॉटरी व्यवस्था को समाप्त कर इसके स्थान पर वेतन आधारित चयन प्रक्रिया अपनाने का प्रस्ताव दिया है। नई व्यवस्था के लिए एक अधिसूचना गुरुवार को फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित की जा रही है।

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30 दिन के भीतर देना होगा जवाब
गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने बुधवार को कहा कि हितधारक, अधिसूचना पर 30 दिन के भीतर जवाब दे सकते हैं। डीएचएस की ओर से कहा गया कि कंप्यूटरीकृत लॉटरी की व्यवस्था को समाप्त करने से अमेरिकी कर्मचारियों के भत्तों पर पड़ने वाला दबाव कम होगा जो हर साल कम वेतन वाले एच-1बी वीजा धारकों के आने से पड़ता है।

क्या है एच-1बी वीजा?
एच-1बी गैर-आव्रजक वीजा होता हैं, जिसके तहत अमेरिकी कंपनियों को विशेष तकनीकी दक्षता वाले पदों पर विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति होती है। इस वीजा के जरिए प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से हजारों कर्मचारियों की नियुक्ति करती हैं।
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मालूम हो कि डोनाल्ड ट्रंप के एच-1बी और एल1 वीजाधारकों सहित कुशल विदेश कामगारों के प्रवेश को रोकने वाले कार्यकारी आदेश से अमेरिकी कंपनियों को करीब 100 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। एक शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक ने यह दावा किया है। ट्रंप ने 22 जून को एक कार्यकारी आदेश के जरिए नए एच-1बी और एल-1 वीजा जारी करने पर 31 दिसंबर 2020 तक रोक लगाई थी। 

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