शैंपू और हाइब्रिड कारों से लेकर उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स सामान तक लगभग 175 उत्पादों पर लगने वाले जीएसटी कर में 10 फीसदी की कटौती हो सकती है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, 3-4 सितंबर को होने वाली जीएसटी परिषद में इस पर फैसला किए जाने की उम्मीद है। वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी प्रणाली में लगभग एक दशक का सबसे बड़ा सुधार हो रहा है। यह सुधार अमेरिका के साथ तनावपूर्ण व्यापारिक संबंधों के बीच हो रहा है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देश वासियों से भारतीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ाने की बार-बार अपील कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, टैल्कम पाउडर, टूथपेस्ट और शैंपू जैसी उपभोक्ता वस्तुओं पर टैक्स 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया जाएगा। इससे इन क्षेत्रों की कंपनियों के कारोबार में जबरदस्त तेजी आएगी। एयर कंडीशनर और टेलीविजन सेट पर अक्तूबर में शुरू होने वाले दिवाली शॉपिंग सीजन से पहले टैक्स 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हो सकता है।
प्रस्तावित कर कटौती का उद्देश्य घरेलू खपत को बढ़ावा देना है। इससे कृषि आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, भारतीय निर्माताओं में आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करके अमेरिका को निर्यात में गिरावट को कम करना है।
ट्रैक्टर पर भी घटेगा टैक्स
उर्वरक, कृषि मशीनरी और ट्रैक्टर व उनके पुर्जों जैसी प्रमुख निर्यात वस्तुओं पर कर को वर्तमान 12 फीसदी या 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने की योजना है। यह कटौती कपड़ा क्षेत्र पर भी लागू होगी जोॉ सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है। इस पर अमेरिकी टैरिफ हमले का भारी असर पड़ा है।
छोटी कारों की बिक्री में आएगा उछाल
प्रस्तावित कर कटौती से छोटी कारों की बिक्री में फिर से उछाल आने की उम्मीद है। हालांकि, बड़ी कारों, जिनकी लंबाई 4 मीटर से अधिक है और जिनमें बड़ी इंजन क्षमता है, पर 28 फीसदी से बढ़कर 40 फीसदी का उच्च जीएसटी लगेगा। कोयला जैसी वस्तुओं के साथ सट्टेबाजी, कैसीनो और घुड़दौड़ जैसी सेवाओं पर भी कर बढ़ाने की योजना है।