वहीं बिजी सॉफ्टवेयर को लॉन्च करने वाले बिजी इन्फोटेक के चीफ टेक्निकल ऑफिसर राजेश गुप्ता ने कहा कि जीएसटी के नियम और रिटर्न फाइल की प्रक्रिया दोनों ही थोड़ी कठिन है। जीएसटी के नियम समझने के लिए आपको अकाउंटिंग की अच्छी समझ होनी चाहिए और रिटर्न फाइल करने के लिए आपके आप कंप्यूटर का ज्ञान होना चाहिए। जो कि छोटे कारोबारियों में कम है। छोटे कारोबारियों को सारा काम खुद ही करना होता है। ऐसे में सॉफ्टवेयर उनकी मदद करता है।
सॉफ्टवेयर को कोई भी कारोबारी बिना अकाउंटिंग की जानकारी के भी इस्तेमाल कर सकता है। इसमें कोई भी कारोबारी आसानी से जीएसटी इनवॉयस बना सकता है और रिटर्न फाइल कर सकता है। अगर कोई डाटा कि एंट्री गलत हो जाए तो यह सॉफ्टवेयर उसे तुरंत पकड़ लेता है और उसे ठीक करने को बोलता है। बिजी सॉफ्टवेयर के साथ मदद के लिए कई डॉक्यूमेंट्स और वीडियो हिंदी में मौजूद है, जिससे जीएसटी रिटर्न भरने और ई-वे बिल बनाने की पूरी प्रक्रिया को आसानी से समझा जा सकता है।
देश के लिए है रिफॉर्म
गुप्ता ने कहा कि जीएसटी देश के लिए एक रिफॉर्म है। ये एक ऐसा टैक्स सिस्टम है जिससे काफी सारी चीजें आसान हो सकती है। बशर्तें इसके कानून थोडें और आसान हो जाएं। साथ ही एक अच्छी हेल्पलाइन नंबर की दरकार है जहां आपको हर तरह की मदद बिना किसी परेशानी मिल सकें।
इस तरह से कर सकते हैं सरल
गुप्ता ने कहा कि नियम अगर आसान हो तो कोई भी कारोबारी बिना किसी अकाउंटिंग की जानकारी के भी जीएसटी को समझ सकें। मेरे हिसाब से इसकी रिटर्न फाइलिंग भी आसान हो सकती है। जैसे कि इनवॉयस लेबल डिटेल की जगह पार्टी वाइज समरी सर्वर पर अपलोड की जा सके। साथ ही एचएसएन कोड पर बहुत ज्यादा जोर नही होना चाहिए। वहीं रिपोर्टिंग एचएसएन न होकर टैक्स रेट में होना चाहिए। इसके अलावा आरसीएम को और आसान बनाया जा सकता है कि जैसा कि यूएई समेत कुछ देशों में हैं। अगर इस तरह के बदलाव हो सके तो निश्चित तौर पर जीएसटी देश के लिए वरदान साबित हो सकता है।