GST 2.0: नई योजना के तहत, जोखिम मापदंडों और डेटा विश्लेषण के आधार पर कम जोखिम वाले व्यवसायों की पहचान कर तीन कार्यदिवसों के भीतर स्वचालित पंजीकरण प्रदान की जाएगी। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
जीएसटी परिषद ने छोटे और कम जोखिम वाले व्यवसायों के लिए अनुपालन को आसान बनाने के उद्देश्य से एक सरलीकृत वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) पंजीकरण योजना शुरू की है। बुधवार को अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों के तहत किए एलान अनुमोदन में तेजी लाने और उद्यमियों के लिए बाधाओं को कम करने पर केंद्रित हैं।
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नई योजना के तहत, जोखिम मापदंडों और डेटा विश्लेषण के आधार पर कम जोखिम वाले व्यवसायों की पहचान कर तीन कार्यदिवसों के भीतर स्वचालित पंजीकरण प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, आवेदक जो स्वेच्छा से घोषणा करते हैं कि वे प्रति माह 2.5 लाख रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) दावे से अधिक होने की संभावना नहीं रखते हैं, वे भी इस सरलीकृत प्रक्रिया को चुनने के पात्र होंगे। सरकार का अनुमान है कि लगभग 96 प्रतिशत नए आवेदकों को सरलीकृत तंत्र से लाभ होने की उम्मीद है।
ऑटोमोबाइल सेगमेंट में, पेट्रोल और पेट्रोल-हाइब्रिड कारों के साथ-साथ 1200 सीसी इंजन क्षमता और 4000 मिमी लंबाई से अधिक न होने वाली एलपीजी और सीएनजी वेरिएंट पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। 1500 सीसी और 4000 मिमी लंबाई से अधिक न होने वाली इंजन क्षमता वाली डीजल और डीजल-हाइब्रिड कारों की दरें भी 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हो जाएंगी।
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तिपहिया वाहन, 350 सीसी तक की इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलें और माल के परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले मोटर वाहन भी इसी तरह 28 प्रतिशत के स्लैब से 18 प्रतिशत के स्लैब में आ जाएंगे। कृषि क्षेत्र के लिए, ट्रैक्टर, जो पहले 12 प्रतिशत जीएसटी आकर्षित करते थे, अब 5 प्रतिशत पर कर लगाया जाएगा। ट्रैक्टर के टायर और पुर्जे, जो 18 प्रतिशत स्लैब में थे, को भी घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है