एयर कंडीशनर्स पर जीएसटी स्लैब को मौजूदा 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने के सरकार के प्रस्ताव से उपकरण निर्माताओं को त्योहारी सीजन में अच्छी बिक्री की उम्मीद है। इससे विभिन्न मॉडलों के एयर कंडीशनरों की कीमत 1,500 रुपये से 2,500 रुपये तक कम हो जाएगी।
इसके अलावा, सरकार की ओर से हाल ही में आयकर में कटौती और रेपो दर में संशोधन के बाद कीमतों में नरमी देखी गई है। इस परिस्थिति में न केवल एसी की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि प्रीमियमीकरण में भी मदद मिलेगी और लोग बिजली बचाने वाले मॉडल खरीद सकेंगे।
त्यागराजन ने कहा, "अब अगस्त में कोई भी आरएसी (रूम एसी) नहीं खरीदेगा, सितंबर या एक अक्तूबर तक इंतजार करेगा। तो, इस बीच क्या होगा। डीलर नहीं खरीदेंगे और ग्राहक नहीं खरीदेंगे।" ग्राहकों को मिलने वाले मूल्य लाभ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जीएसटी 2.0 लागू होने पर लगभग 10 प्रतिशत तक का लाभ उपभोक्ताओं को होगा, क्योंकि जीएसटी अंतिम मूल्य पर लगाया जाता है।
पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया के चेयरमैन मनीष शर्मा ने कहा कि उद्योग को ऊर्जा कुशल उत्पादों पर लगभग 12 प्रतिशत जीएसटी और शेष पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि इससे मॉडल के आधार पर अंतिम उपभोक्ता के लिए एसी की कीमत में 1,500 से 2,500 रुपये तक की कमी आएगी। इसी प्रकार, गोदरेज अप्लायंसेज ने कहा कि कर स्लैब में प्रस्तावित कटौती से उपभोग को बढ़ावा देने और उपकरणों की मांग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
गोदरेज एंटरप्राइजेज समूह के बिजनेस हेड और ईवीपी (एप्लायंसेज बिजनेस) कमल नंदी ने कहा, "भारत में एसी की पहुंच अभी भी 9 से 10 फीसदी के निचले स्तर पर है। इसलिए, एसी पर जीएसटी को 28 से घटाकर 18 फीसदी करने से इसे आम लोगों के लिए अधिक किफायती बनाने और कई भारतीयों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिल सकती है।"
नंदी के अनुसार, वर्तमान में कमरे के एसी पर 28 प्रतिशत कर लगता है, और रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, माइक्रोवेव जैसे अन्य उपकरणों पर पहले से ही 18 प्रतिशत जीएसटी है। कई वैश्विक ब्रांडों के लाइसेंस रखने वाली टीवी निर्माण कंपनी सुपर प्लास्ट्रोनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (एसपीपीएल) के सीईओ अवनीत सिंह मारवाह ने कहा कि इससे घरेलू बाजार में उपभोक्तावाद बढ़ेगा और त्योहारी सीजन में बिक्री बढ़ेगी।
उन्होंने कहा, "ब्रांड में साल-दर-साल 20 प्रतिशत की वृद्धि देखी जा सकती है, यह 32 इंच से अधिक के एसी और स्मार्ट टीवी के लिए एक शानदार वापसी है, जिन दोनों पर 28 प्रतिशत कर लगाया गया था।" हालांकि, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को 32 इंच के स्मार्ट टीवी को 5 प्रतिशत के दायरे में लाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, जो एक बड़ा बदलाव होगा, क्योंकि इस खंड में 38 प्रतिशत हिस्सा असंगठित क्षेत्र से आता है।
बेमौसम बारिश और मानसून के समय से पहले आगमन से जून तिमाही में रूम-एयर कंडीशनिंग (आरएसी) कारोबार से जुड़ी सूचीबद्ध कंपनियों के राजस्व पर 34 प्रतिशत तक असर पड़ा है। वोल्टास, ब्लू स्टार और हैवेल्स सहित सूचीबद्ध कंपनियों ने नवीनतम जून तिमाही में आवास आरएसी कारोबार में अपने खंड राजस्व में 13 प्रतिशत से 34 प्रतिशत के बीच गिरावट दर्ज की है, जिससे उनके राजस्व और मार्जिन पर भी अल्पकालिक दबाव बना है।