क्रिप्टोकरेंसी पर सख्त रुख अख्तियार करने के बाद अब देश में संचालित क्रिप्टो एक्सचेंजों पर भी केंद्र सख्ती दिखाने लगा है। सरकार ने माल एवं सेवा कर (जीएसट) चोरी के मामले में 11 क्रिप्टो एक्सचेंजों पर जुर्माने की कार्रवाई की है। इन एक्सचेंज से कुल 95.86 करोड़ रुपये की वसूली की गई है।
एक प्रश्न के लिखित उत्तर पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने यह जानकारी साझा की है। आपको बता दें कि प्रश्न किया गया था कि क्या सरकार के पास देश में क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों को लेकर कोई आंकड़ा मौजूद है? इस सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार इस तरह को कोई डाटा इकठ्ठा नहीं करती है। हालांकि, देश में संचालित हो रहे क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों द्वारा जीएसटी की चोरी के कुछ मामलों का पता जरूर लगाया गया था।
वित्त राज्य मंत्री के अनुसार, क्रिप्टो एक्सचेंजों द्वारा कुल 81.54 करोड़ की चोरी का खुलासा किया गया था। इनमें से वजीरएक्स के तहत काम करने वाले जैनमाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड में सबसे बड़ी जीएसटी चोरी का पता लगाया गया था। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, जैनमाई लैब्स के द्वारा 40.51 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई थी। सरकार ने इससे 49.18 करोड़ रुपये की राशि वसूल की है। जैनमाई लैब्स के साथ-साथ कॉइन डीसीएक्स, क्वाइन स्विच कुबेर, फ्लिटपे, जेब आईटी सर्विस, यूनोक्वाइन, बाई यूक्वाइन, जियोटस टेक्नोलॉजी, एवलेंकन इनोवेशंस इंडिया लिमिटेड (जेबपे) और, डिस्किडियम इंटरनेट लैब्स प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल हैं। इन सभी पर जीएसटी चोरी का आरोप है और इनसे कुल 95.86 करोड़ रुपये की राशि वसूल की गई है।