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जीएसटी काउंसिलः रियल इस्टेट-छोटे कारोबारियों को मिल सकता है बड़ा तोहफा

Thu, 10 Jan 2019 01:05 PM IST
Anupam Prasun बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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जीएसटी परिषद की 32वीं बैठक आज होने जा रही है। बजट सत्र से पहले हो रही इस बैठक में परिषद आम जनता को कई बड़े तोहफे दे सकती है। यह तोहफे रियल इस्टेट सेक्टर और छोटे कारोबारियों को मिल सकते हैं। 

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घर खरीदने पर 5 फीसदी जीएसटी

रियल एस्टेट क्षेत्र और खरीदारों को बड़ी राहत देने के लिए निर्माणाधीन मकान और फ्लैट पर 5 फीसदी जीएसटी लगाने पर फैसला 10 जनवरी को हो सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई में होने वाली जीएसटी परिषद की 32वीं बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी। इससे पहले 22 दिसंबर को हुई बैठक के बाद वित्त मंत्री ने कहा था कि निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी की दरें घटाई जा सकती हैं।

मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि बैठक में जीएसटी परिषद छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए छूट की सीमा बढ़ाने पर भी फैसला कर सकती है। बैठक में जेटली के साथ राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल होंगे। अधिकारी ने बताया कि जीएसटी परिषद छोटे आपूर्तिकर्ताओं के लिए कंपोजीशन स्कीम, आपदा सेस और लॉटरी पर जीएसटी की दरें कम करने पर भी चर्चा कर सकती है। 

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वर्तमान में निर्माणाधीन रिहायशी संपत्तियों की खरीद पर 12 फीसदी जीएसटी देना होता है। तैयार मकानों या फ्लैट को सरकार ने जीएसटी के दायरे से बाहर रखा है, लेकिन इसके लिए बिक्री के समय कंप्लीशन सर्टिफिकेट होना जरूरी है। 

अधिकारी का कहना है कि निर्माणाधीन मकानों पर अभी लगने वाली 12 फीसदी जीएसटी में से आधे से ज्यादा हिस्सा इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के रूप में बिल्डर को वापस कर दिया जाता है। ऐसे में वास्तविक जीएसटी सिर्फ 5-6 फीसदी ही होता है, जबकि बिल्डर खरीदारों को आईटीसी का लाभ नहीं देते हैं। लिहाजा परिषद 80 फीसदी इनपुट पंजीकृत डीलर से खरीदने वाले बिल्डर पर 5 फीसदी जीएसटी लगाने पर विचार कर रही है।

एमएसएमई को भी लाभ

जीएसटी परिषद एमएसएमई के लिए वर्तमान छूट का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है। अभी 20 लाख रुपये तक के टर्नओवर वाले एमएसएमई को जीएसटी दायरे से बाहर रखा गया है। परिषद इस छूट की सीमा को बढ़ाकर 75 लाख टर्नओवर करना चाहती है।

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इसके अलावा लॉटरी पर भी जीएसटी दरें कम की जा सकती हैं, जो अभी सरकार की ओर से जारी लॉटरी पर 12 फीसदी और सरकार से मान्यता प्राप्त लॉटरी पर 28 फीसदी है।

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