बैठक के दौरान प्राकृतिक गैस को जीएसटी प्रणाली के दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव भी आ सकता है। अभी अन्य पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने की संभावना न के बराबर है, क्योंकि अधिकतर राज्य डीजल-पेट्रोल को इस दायरे में लाने पर फिलहाल बिल्कुल सहमत नहीं हैं, लेकिन प्राकृतिक गैस पर उनकी राय अलग-अलग है।
इसकी वजह यह है कि इस समय महज छह से सात राज्यों में ही प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल या तो उद्योग जगत के लिए या घरेलू या मोटर वाहन में हो रहा है। इन पर इस समय राज्य सरकारें वैट वसूल रही हैं।
जीएसटी परिषद की पहले की बैठक में प्राकृतिक गैस को जीएसटी में शामिल करने का मसला उठा था, लेकिन उस समय इस पर कोई फैसला नहीं हो पाया था। उस वक्त गुजरात, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित कुछ राज्यों ने इसे जीएसटी के दायरे से अलग ही रखने की वकालत की थी।
इनपर घट सकती हैं दरें
सैनिटरी नैपकिन
मार्बल/पत्थर से बनी मूर्तियां
लिथियम आयन बैट्री
फ्यूल सेल
वाटर कूलर
आइस्क्रीम मशीनरी
हथकरघा पर बुने कपड़े
हस्तशिल्प
वनोत्पाद
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