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GST Collection: मई में जीएसटी संग्रह 10 प्रतिशत बढ़कर 1.73 लाख करोड़ रुपये हुआ, जानिए क्या कहते हैं आंकड़े

Sat, 01 Jun 2024 08:13 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

GST Collection: देश का सकल जीएसटी संग्रह मई में बढ़कर 1.73 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सालाना आधार पर इसमें 10% की वृद्धि दर्ज की गई। वित्त मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Istock
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विस्तार
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 आयात में गिरावट के बावजूद घरेलू लेनदेन से राजस्व में मजबूत वृद्धि के कारण सकल जीएसटी संग्रह मई, 2024 में सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़कर करीब 1.73 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, यह अप्रैल के रिकॉर्ड 2.10 लाख करोड़ रुपये के कर संग्रह की तुलना में 17.61 फीसदी कम है। मई, 2023 में सरकार को जीएसटी के जरिये 1,57,090 करोड़ की कमाई हुई थी।

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वित्त मंत्रालय के शनिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 1,72,739 करोड़ रुपये के सकल जीएसटी संग्रह में केंद्रीय जीएसटी की 32,409 करोड़ और राज्य जीएसटी की 40,265 करोड़ रुपये हिस्सेदारी रही। एकीकृत जीएसटी का योगदान 87,781 करोड़ रहा, जिसमें आयातित वस्तुओं पर जुटाए 39,879 करोड़ रुपये शामिल हैं। कुल उपकर संग्रह 12,284 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान घरेलू लेनदेन से राजस्व में 15.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि आयात में 4.3 फीसदी गिरावट रही।  

आंकड़ों के मुताबिक, रिफंड के बाद मई के लिए शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.44 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। यह मई, 2023 की तुलना में 6.9 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है। केंद्र सरकार ने 67,204 करोड़ रुपये के शुद्ध एकीकृत जीएसटी संग्रह से केंद्रीय जीएसटी के लिए 38,519 करोड़ और राज्य जीएसटी के लिए 32,733 करोड़ रुपये का निपटान किया।
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चार वर्ष में 20 देशों तक यूपीआई पहुंचाने की तैयारी
आरबीआई चार वर्ष में यूपीआई को 20 देशों में पहुंचाने की योजना बना रहा है। हालिया सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, इसके लिए संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इस लक्ष्य को 2028-29 तक पूरा किया जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) इस लक्ष्य के लिए एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लि. (एनआईपीएल) के साथ काम कर रहा है। 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए यूपीआई को बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए यूरोपीय संघ और दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) जैसे देशों के समूह के साथ फास्ट पेमेंट सिस्टम (एफपीएस) सहयोग के साथ-साथ बहुपक्षीय संबंधों का भी पता लगाया जाएगा। इसी के तहत जुलाई 2023 में आरबीआई और यूएई के केंद्रीय बैंक ने भुगतान के बुनियादी ढांचे को आपस में जोड़ने के लिए एक समझौता ज्ञापन किया था। 

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