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GDP में मजबूती: अप्रैल-दिसंबर में GST संग्रह बढ़कर हुआ 16.33 लाख करोड़, नौ महीने में औसत मासिक वसूली हुई इतनी

Thu, 02 Jan 2025 02:32 AM IST
शिव शुक्ला बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिसंबर में घरेलू लेनदेन से जीएसटी संग्रह 8.4 फीसदी बढ़कर 1.32 लाख करोड़ पहुंच गया। आयात से कर राजस्व भी चार फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 44,268 करोड़ रहा। पिछले माह कुल 22,490 करोड़ का रिफंड जारी किया गया, जो 31 फीसदी अधिक है। इस आधार पर शुद्ध जीएसटी संग्रह 3.3 फीसदी की बढ़त के साथ 1.54 लाख करोड़ रहा।
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जीडीपी। - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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मजबूत आर्थिक और कारोबारी गतिविधियों के दम पर घरेलू लेनदेन बढ़ने से जीएसटी संग्रह में तेजी का सिलसिला जारी है। चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीने (अप्रैल-दिसंबर) में जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 9.09 फीसदी की मजबूत वृद्धि के साथ 16.33 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। 2023-24 की समान अवधि में संग्रह 14.97 लाख करोड़ रुपये रहा था।
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सरकार के बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के पहले नौ माह में औसत मासिक जीएसटी संग्रह भी बढ़कर 1.81 लाख करोड़ से अधिक पहुंच गया। 2023-24 के पहले नौ माह में औसत मासिक कर संग्रह 1.66 लाख करोड़ रहा था।

आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में घरेलू लेनदेन से जीएसटी संग्रह 8.4 फीसदी बढ़कर 1.32 लाख करोड़ पहुंच गया। आयात से कर राजस्व भी चार फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 44,268 करोड़ रहा। पिछले माह कुल 22,490 करोड़ का रिफंड जारी किया गया, जो 31 फीसदी अधिक है। इस आधार पर शुद्ध जीएसटी संग्रह 3.3 फीसदी की बढ़त के साथ 1.54 लाख करोड़ रहा।
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 जीएसटी से चालू वित्त वर्ष में अब तक सरकार को कमाई (करोड़ रुपये में)
महीना वसूली
अप्रैल 2,10,267
मई 1,72,739
जून  1,73,813
जुलाई 1,82,075
अगस्त 1,74,962
सितंबर 1,73,240
अक्तूबर 1,87,346
नवंबर 1,82,269
दिसंबर 1,76,857


 सर्वाधिक कमाई वाले पांच राज्य
राज्य राशि (करोड़ में)
महाराष्ट्र 29,260
कर्नाटक 12,526
तमिलनाडु 10,956
हरियाणा 10,403
गुजरात 10,279
 
  • उत्तर प्रदेश : 8,117 करोड़
  • दिल्ली : 5,593 करोड़
  • पंजाब : 2,294 करोड़
  • उत्तराखंड : 1,547 करोड़
  • हिमाचल प्रदेश : 816 करोड़
  • जम्मू-कश्मीर : 547 करोड़
  • चंडीगढ़ : 224 करोड़
फीसदी के लिहाज से अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और सिक्किम के जीएसटी संग्रह में सर्वाधिक वृद्धि देखी गई। दोनों के संग्रह में क्रमशः 72 और 30 फीसदी तेजी रही।
 

 

यूपीआई : 23.25 लाख करोड़ के रिकॉर्ड 16.73 अरब लेनदेन
यूपीआई लेनदेन दिसंबर, 2024 में संख्या के लिहाज से मासिक आधार पर 8.07 फीसदी बढ़कर 16.73 अरब की नई ऊंचाई पर पहुंच गया। नवंबर, 2024 में कुल 15.48 अरब यूपीआई लेनदेन हुए थे। मूल्य के लिहाज से पिछले महीने कुल 23.25 लाख करोड़ रुपये के यूपीआई लेनदेन हुए, जो नवंबर के 21.55 लाख करोड़ रुपये से 8 फीसदी अधिक है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में पूरे साल के दौरान 247 लाख करोड़ रुपये के कुल 172 अरब लेनदेन हुए। यह 2023 की तुलना में मूल्य के लिहाज से 35 फीसदी और संख्या के आधार पर 46 फीसदी अधिक है।
  • इमीडिएट पेमेंट सर्विसेज (आईएमपीएस) के जरिये दिसंबर में 6.02 लाख करोड़ रुपये के कुल 44.1 करोड़ लेनदेन हुए। यह मूल्य और संख्या के लिहाज से मासिक आधार पर 8 फीसदी अधिक है। नवंबर में 5.58 लाख करोड़ रुपये के 40.8 करोड़ आईएमपीएस लेनदेन हुए थे।
  • फास्टैग के जरिये पिछले महीने 38.2 करोड़ लेनदेन हुए। यह नवंबर के 35.9 करोड़ से 6 फीसदी ज्यादा है। मूल्य के लिहाज से फास्टैग लेनदेन नवंबर के 6,070 करोड़ से 9 फीसदी बढ़कर 6,642 करोड़ रुपये पहुंच गया।
  • आधार आधारित लेनदेन की संख्या मासिक आधार पर मामूली एक फीसदी बढ़कर 9.3 करोड़ पहुंच गई। मूल्य के लिहाज से कुल 24,020 करोड़ रुपये के आधार आधारित लेनदेन हुए।
 

पेट्रोल-डीजल : छुट्टियों में यात्राओं से बिक्री 9.8 फीसदी तक बढ़ी
  • क्रिसमस और नए साल के मौके पर बड़ी संख्या में लोगों के यात्राएं करने से दिसंबर में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में 9.8 फीसदी तक तेजी देखी गई। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, पेट्रोल की बिक्री पिछले महीने सालाना आधार पर 9.8 फीसदी बढ़कर 29.9 लाख टन पहुंच गई।
  • डीजल की बिक्री 4.9 फीसदी बढ़कर 70.7 लाख टन पहुंच गई। नवंबर में डीजल बिक्री कई महीनों की सुस्ती के बाद बढ़ी थी। हालांकि, मासिक आधार पर पेट्रोल और डीजल की बिक्री 3.6 फीसदी तक कम रही।
  • दिसंबर लगातार दूसरा महीना है, जब पेट्रोल और डीजल की बिक्री में तेजी रही। नवंबर में पेट्रोल की बिक्री 8.3 फीसदी और डीजल की 5.9 फीसदी बढ़ी थी।
  • विमान ईंधन (एटीएफ) की बिक्री सालाना आधार पर 6.8 फीसदी बढ़कर 6,96,400 टन पहुंच गई।
  • रसोई गैस एलपीजी की मांग 28.7 लाख रही, जो सालाना आधार पर 5.2 फीसदी अधिक है।
 
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बिजली खपत : 6 फीसदी बढ़कर 130.40 अरब यूनिट
बिजली खपत दिसंबर, 2024 में सालाना आधार पर करीब 6 फीसदी बढ़कर 130.40 अरब यूनिट पहुंच गई। दिसंबर, 2023 में यह 123.17 अरब यूनिट थी। ठंड के कारण हीटर और गीजर जैसे उपकरणों के इस्तेमाल से बिजली की खपत बढ़ी है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, बिजली की एक दिन में अधिकतम आपूर्ति भी दिसंबर, 2023 के 213.62 गीगावाट से बढ़कर पिछले महीने 224.16 गीगावट पहुंच गई। सरकार का अनुमान है कि 2025 की गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग 270 गीगावाट के स्तर पर पहुंच सकती है।

 
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