सार
अगस्त 2025 में भारत का सेवा क्षेत्र 15 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। एचएसबीसी इंडिया सेवा पीएमआई 62.9 रहा, जो जून 2010 के बाद की सबसे तेज वृद्धि है। नई मांग और ऑर्डर में तेज बढ़ोतरी से रोजगार बढ़ा। इनपुट-आउटपुट लागत बढ़ने से महंगाई 9 माह के उच्चतम स्तर पर पहुंची। समग्र पीएमआई भी 17 साल में सबसे ऊपर 63.2 पर रहा।
विनिर्माण क्षेत्र के शानदार प्रदर्शन के बाद अब देश के सेवा क्षेत्र की गतिविधियां अगस्त, 2025 में बढ़कर 15 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। मांग में उल्लेखनीय सुधार के बीच नए ऑर्डर और उत्पादन में तेज वृद्धि के दम पर सेवा क्षेत्र में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुधवार को जारी मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक पिछले महीने 62.9 पहुंच गया। यह जून, 2010 के बाद से विस्तार की सबसे तेज रफ्तार है। जुलाई में यह आंकड़ा 60.5 रहा था। एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी ने कहा, अंतरराष्ट्रीय बिक्री में व्यापक विस्तार ने समग्र मांग को बढ़ावा दिया।
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इससे सेवा क्षेत्र की भारतीय कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति की। उच्च श्रम लागत और मजबूत मांग की वजह से इनपुट एवं आउटपुट दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि से महंगाई दर नौ महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई। इस बीच, मांग में उछाल ने जुलाई, 2012 के बाद से उत्पादन शुल्क में सबसे तेज वृद्धि को संभव बनाया। आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में समग्र पीएमआई 17 साल के उच्च स्तर 63.2 पर पहुंच गया। विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों में मजबूत एवं व्यापक उत्पादन वृद्धि का संकेत देता है। सेवा पीएमआई को 400 कंपनियों के समूह को भेजे गए सवालों के जवाबों के आधार पर तैयार किया है।
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अंतरराष्ट्रीय बिक्री में तीसरी सबसे तेज वृद्धि
भंडारी ने कहा, अंतरराष्ट्रीय बिक्री में सितंबर, 2014 में शृंखला शुरू होने के बाद से तीसरी सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई। कंपनियों को एशिया, यूरोप, मध्य पूर्व और अमेरिका से नए निर्यात ऑर्डर मिले। इस बीच, सेवा क्षेत्र की कंपनियों की आगामी वर्षों में उत्पादन बढ़ने की उम्मीदें पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। कुछ कंपनियों का मानना है कि हाल के महीनों में कर्मचारियों की भर्ती की वजह से ज्यादा काम मिल सकेगा।