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GPF: जीपीएफ के दायरे में आने वाले सरकारी कर्मियों के लिए राहत की खबर, भुगतान में देरी पर मिलेगा ब्याज

सार

GPF: ऐसे सरकारी कर्मचारी, जो 'सामान्य भविष्य निधि' के दायरे में आते हैं, उनके लिए राहत की खबर है। सेवानिवृत्ति पर सामान्य भविष्य निधि की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो सेवानिवृत्ति के बाद की अवधि के लिए 'सामान्य भविष्य निधि' की बकाया राशि पर ब्याज का भुगतान किया जाएगा। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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जीपीएफ - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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ऐसे सरकारी कर्मचारी, जो 'सामान्य भविष्य निधि' के दायरे में आते हैं, उनके लिए राहत की खबर है। सेवानिवृत्ति पर सामान्य भविष्य निधि की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो सेवानिवृत्ति के बाद की अवधि के लिए 'सामान्य भविष्य निधि' की बकाया राशि पर ब्याज का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। इस बाबत विभाग द्वारा दो सप्ताह पहले ही कार्यालय ज्ञापन जारी किया गया है।

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सेवानिवृत्ति के बाद जीपीएफ पर ब्याज देय है या नहीं
बता दें कि हाल ही में पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग को ऐसे कई संदर्भ प्राप्त हुए हैं, जिनमें सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को जीपीएफ के विलंबित भुगतान पर ब्याज दिए जाने के संबंध में पूछा गया है। कर्मियों की सेवानिवृत्ति के बाद जीपीएफ पर ब्याज देय है या नहीं। विभाग ने इस संबंध में 16 जनवरी, 2017 के कार्यालय ज्ञापन संख्या 3/3/2016-पी&पीडबल्यू (एफ) (प्रति संलग्न) का हवाला दिया है। इसमें सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारी को जीपीएफ का अंतिम भुगतान समय पर करने से संबंधित विस्तृत स्पष्टीकरण सभी मंत्रालयों/विभागों को प्रेषित किए गए थे। अंशदाता के भविष्य निधि खाते में जमा धनराशि, देय हो जाती है, तो उसका भुगतान करने का दायित्व लेखा अधिकारी का होगा। यह भी उल्लेखनीय है कि सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा धनराशि पूरी तरह से सरकारी कर्मचारी की व्यक्तिगत संपत्ति है। उनके खिलाफ लंबित किसी भी अनुशासनिक मामले या लगाए गए जुर्माने का सामान्य भविष्य निधि राशि के संवितरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। सामान्य भविष्य निधि नियमावली के नियम 11 (4) के अनुसार, यदि सेवानिवृत्ति पर जीपीएफ की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो सेवानिवृत्ति के बाद की अवधि के लिए सामान्य भविष्य निधि की बकाया राशि पर ब्याज का भुगतान करना अपेक्षित है। 

विलंबित अवधि के लिए ब्याज का भुगतान
जनवरी 2017 में कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा कार्यालय ज्ञापन जारी किया गया था। उसमें सरकारी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति पर तय समय के भीतर जीपीएफ का अंतिम भुगतान करने से संबंधित केस में स्पष्टीकरण जारी किया गया था। उसमें कहा गया है कि भविष्य के क्रियान्वयन की स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के साथ आयोजित समीक्षा बैठकों में यह देखा गया है कि कई मामलों में सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारी/अधिकारी को उसकी सेवानिवृत्ति पर सामान्य भविष्य निधि 'जीपीएफ' का अंतिम भुगतान तत्काल नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण विलंबित अवधि के लिए ब्याज का भुगतान करना पड़ता है। 
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लेखा अधिकारी का है भुगतान करने का दायित्व
सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवा) नियमावली के नियम 34 में स्पष्ट प्रावधान है कि जब अंशदाता के भविष्य निधि खाते में जमा राशि देय हो जाती है तो भुगतान करने का दायित्व लेखा अधिकारी का होगा। भुगतान करने का प्राधिकार, अधिवर्षिता की आयु पूर्ण होने पर सेवानिवृत्ति की तारीख से कम से कम एक महीने पहले जारी किया जाएगा, लेकिन वह सेवानिवृत्ति की तारीख को देय होगा। यह उल्लिखित है कि सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारी द्वारा सामान्य भविष्य निधि के अंतिम भुगतान के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की आवश्यकता को इस विभाग के 15 नवंबर 1996 की अधिसूचना संख्या 20 (12)/94-पी एंड पी डब्लू (ई) द्वारा समाप्त कर दिया गया है। इसे 23 नवंबर 1996 के एसओ संख्या 3228 के तहत अधिसूचित किया गया है। 

यथोचित कार्रवाई करने के लिए जिम्मेदारी तय
सामान्य भविष्य निधि नियमावली के नियम 11 (4) के अनुसार, यदि सेवानिवृत्ति पर सामान्य भविष्य निधि की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो सेवानिवृत्ति के बाद की अवधि के लिए सामान्य भविष्य निधि की बकाया राशि पर ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा। जहां सामान्य सेवानिवृत्ति के बाद छह माह की अवधि के लिए ब्याज अनुमति वेतन एवं लेखा अधिकारी 'पीएओ' द्वारा दी जा सकती है, वहीं छह महीने से अधिक के ब्याज के भुगतान के लिए लेखा कार्यालय के प्रमुख और एक वर्ष से अधिक की अवधि के लिए लेखा नियंत्रक / वित्तीय सलाहाकार के अनुमोदन की आवश्यकता है। 

ब्याज का भुगतान अनिवार्य
सामान्य भविष्य निधि का समय से भुगतान सुनिश्चित करने और सेवानिवृत्ति के बाद ब्याज के अनावश्यक बोझ से बचने के लिए अब यह निर्णय लिया गया है कि ऐसे सभी मामलो में जहां कि सामान्य भविष्य निधि नियमावली, 1960 के नियम 11 (4) के अनुसार, सामान्य भविष्य निधि पर ब्याज का भुगतान अनिवार्य हो जाता है, उन मामलों को प्रशासनिक मंत्रालय/विभाग के सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। ऐसे सभी मामलों में सामान्य भविष्य निधि के भुगतान में देरी के लिए सभी स्तरों पर जिम्मेदार पाए जाने वाले सरकारी सेवक के विरुद्ध यथोचित कार्रवाई करने के लिए प्रशासनिक मंत्रालय/विभाग के सचिव, जिम्मेदारी तय करेंगे।

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