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Aviation: विदेशी वाहकों के प्रस्तावों पर विचार होगा; पर भारतीय एयरलाइनों को बढ़ावा देना जरूरी, बोले मंत्री

Mon, 09 Sep 2024 08:07 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Aviation: भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक विमानन बाजारों में से एक है और घरेलू एयरलाइंस बढ़ती यातायात मांग को पूरा करने के लिए अपने परिचालन और बेड़े का विस्तार कर रही हैं।
 
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राममोहन नायडू - फोटो : PTI
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विस्तार
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सरकार विदेशी वाहकों की ओर से आए उड़ानों के संचालन में वृद्धि के अनुरोधों पर सक्रियता से विचार करेगी, लेकिन वह भारतीय एयरलाइनों को बढ़ावा देना और देश में वैश्विक विमानन केंद्र विकसित भी करना चाहती है। नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने सोमवार यह बात कही। 

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नागर विमानन मंत्री की यह टिप्पणी कुछ विदेशी वाहकों, विशेष रूप से यूएई से, भारत के लिए अधिक उड़ानें संचालित करने के अधिकार मांगने की पृष्ठभूमि में आई है। यह दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाजारों में से एक है।

नायडू एक ब्रीफिंग में कहा, "हम द्विपक्षीय संबंधों पर सक्रियता से विचार कर रहे हैं...(लेकिन) हम भारतीय एयरलाइनों को बढ़ावा देना चाहते हैं क्योंकि हम अपने स्वयं के विमानन केंद्र भी बनाना चाहते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि द्विपक्षीय उड़ान अधिकारों पर निर्णय लेने के लिए कोई समय सीमा नहीं है और वे हवाई अड्डों के लिए विशिष्ट नहीं होंगे।
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द्विपक्षीय उड़ान अधिकार दो देशों के बीच किए जाते हैं जो दोनों ओर की एयरलाइनों को एक निर्दिष्ट संख्या में उड़ानें संचालित करने की अनुमति देते हैं। ओपन स्काई पॉलिसी भी हैं जो वाहकों को दो देशों के बीच असीमित संख्या में उड़ानें संचालित करने की अनुमति देती हैं। खाड़ी के विमान सेवा प्रदाता भारत के लिए द्विपक्षीय उड़ान अधिकारों में वृद्धि की मांग कर रहे हैं, क्योंकि मौजूदा कोटा का पूरा उपयोग किया जा चुका है।

जून में, एमिरेट्स एयरलाइन के उपाध्यक्ष और मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी अदनान काज़िम ने पीटीआई को बताया कि भारतीय विमानन बाजार की वृद्धि की गति को क्षमता के साथ मेल खाना चाहिए, और बढ़ती प्रतिस्पर्धा उपभोक्ताओं के लिए अधिक विकल्प प्रदान करेगी। उन्होंने दुबई और भारत के बीच द्विपक्षीय उड़ान अधिकारों में वृद्धि की वकालत की थी। 

मंत्री ने कहा, "नागरिक विमानन क्षेत्र के विकास के लिए, यह केवल घरेलू नेटवर्क ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क भी है। भारतीय यात्रियों की महत्वाकांक्षाएं इतनी बढ़ गई हैं कि टियर 2 और टियर 3 शहरों के लोग भी विदेश यात्रा करना चाहते हैं।"

भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक विमानन बाजारों में से एक है और घरेलू एयरलाइंस बढ़ती यातायात मांग को पूरा करने के लिए अपने परिचालन और बेड़े का विस्तार कर रही हैं।

इस बीच, भारत 11 और 12 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी में नागरिक विमानन पर दूसरे एशिया प्रशांत मंत्रिस्तरीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा। सम्मेलन में 41 देशों के लगभग 250 प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है।

दो दिवसीय सम्मेलन में, भारत वियतनाम, मालदीव, जापान और सिंगापुर सहित विभिन्न देशों के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेगा। बैठक के दौरान द्विपक्षीय उड़ान अधिकारों सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

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