कालेधन के खिलाफ अपनी लड़ाई और तेज करते हुए सरकार ने छह से सात लाख शेल कंपनियों को बंद करने का मन बना लिया है। सरकार ये कदम कंपनियों द्ारा मनी लॉंड्रिंग की रोक के लिए उठा रही है।
काफी तादात में इन कंपनियों ने अपने बैंक खातों में नोटबंदी के बाद भारी मात्रा में धन जमा किया था।
गौरतलब है कि 15 लाख रजिस्टर्ड कंपनियों में से 40 फीसदी कंपनियां ऐसी हैं जिन पर मनी लॉंड्रिंग का संदेह है और ऐसी कंपनियों को तलाशना आसान नहीं है। सरकार ने इस कार्य के लिए कई एजेंसियों मसलन सेबी,आरबीआई,आईबी और कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री को काम पर लगाया है जिसकी अगुवाई सीबीडीटी कर रहा है।