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Enemy Property: सरकार ने शत्रु संपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू की, जानें कहां हैं सबसे ज्यादा मामले

Tue, 25 Jul 2023 02:58 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Enemy Property: मिश्रा से जब पूछा गया कि क्या सरकार ने शत्रु संपत्तियों की नीलामी शुरू की है और क्या इस तरह की कार्रवाई के लिए कोई पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई है, तो उन्होंने इस पर सहमति जताई। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने देश भर में शत्रु संपत्तियों की एक सूची प्रकाशित की है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : BBC
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विस्तार
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सरकार ने देश में स्थित शत्रु संपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस मामले में सरकार की ओर से लोकसभा में अपना पक्ष रखा गया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि सरकार ने शत्रु संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से शुरू की है। बता दें कि वे अचल संपत्तियां जो पाकिस्तान और चीन की नागरिकता लेने वाले लोगों की ओर से छोड़ी गई थीं, उन्हें 'शत्रु संपत्ति' के रूप में जाना जाता है।

गृह राज्य मंत्री ने बताया- सरकार ने देशभर में मौजूद शत्रु संपत्तियों की सूची जारी की है

मिश्रा से जब पूछा गया कि क्या सरकार ने शत्रु संपत्तियों की नीलामी शुरू की है और क्या इस तरह की कार्रवाई के लिए कोई पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई है, तो उन्होंने इस पर सहमति जताई। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने देश भर में शत्रु संपत्तियों की एक सूची प्रकाशित की है। गृह राज्य मंत्री ने कहा कि शत्रु संपत्तियों (चल और अचल दोनों) का प्रबंधन और निपटान भारतीय शत्रु संपत्ति संरक्षक (सीईपीआई) की ओर से किया जाता है जो एक सतत प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, 'यह प्रक्रिया शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 और इसके नियमों और इस संबंध में जारी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए किया जाता है जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।' 

देश में कुल 12,611 शत्रु संपत्ति, अनुमानित कीमत एक लाख करोड़ रुपये से अधिक

अधिकारियों के अनुसार कुल 12,611 प्रतिष्ठान हैं जिन्हें शत्रु संपत्ति कहा जाता है जिनकी अनुमानित कीमत 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। सीईपीआई के पास मौजूद 12,611 संपत्तियों में से कुल 12,485 पाकिस्तानी नागरिकों से संबंधित थीं और 126 चीनी नागरिकों से संबंधित थीं। सबसे अधिक शत्रु संपत्ति उत्तर प्रदेश में हैं यहां उनकी संख्या 6,255 है। पश्चिम बंगाल में 4,088, दिल्ली में 659, गोवा में 295, महाराष्ट्र में 208, तेलंगाना में 158, गुजरात में 151, त्रिपुरा में 105, बिहार में 94, मध्य प्रदेश में 94, छत्तीसगढ़ में 78 और हरियाणा में 71 शत्रु संपत्तियां हैं। केरल में 71, उत्तराखंड में 69, तमिलनाडु में 67, मेघालय में 57, असम में 29, कर्नाटक में 24, राजस्थान में 22, झारखंड में 10, दमन और दीव में चार के अलावे आंध्र प्रदेश तथा अंडमान निकोबार द्वीप समूह में ऐसी एक-एक संपत्ति है।

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