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World Bank: एमएसएमई को असान ऋण मिले इसके लिए सरकार एनबीएफसी पर लगी पाबंदियों में दे ढील, विश्व बैंक की सलाह

Thu, 06 Mar 2025 01:31 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

World Bank: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए ऋण की उपलब्धता बढ़ाने के लिए भारत सरकार को एनबीएफसी पर ब्याज सीमा हटा देनी चाहिए। विश्व बैंक ने अपनी नई रिपोर्ट में यह बात कही है। रिपोर्ट में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को मजबूत करने से जुड़ी कई और सिफारिशें भी की गई हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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World Bank, विश्व बैंक - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए ऋण की उपलब्धता बढ़ाने के लिए भारत सरकार को एनबीएफसी पर ब्याज सीमा हटा देनी चाहिए। विश्व बैंक ने अपनी नई रिपोर्ट में यह बात कही है। रिपोर्ट में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को मजबूत करने से जुड़ी कई और सिफारिशें भी की गई हैं।

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रिपोर्ट में कहा गया है, "सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए पर्याप्त वित्तपोषण प्रदान करने के लिए एनबीएफसी पर मौजूदा ब्याज सीमा को हटाकर उनकी ऋण देने की क्षमता को मजबूत किया जाना चाहिए। ताकि वे सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) की ओर से प्रदान की गई गारंटी के पात्र हो सकें।"

ये सिफारिशें एनबीएफसी की तरलता तक पहुंच में सुधार, उनके ऋण पर प्रतिबंधों को कम करने और एनबीएफसी को बैंक फंडिंग की सुविधा के लिए जोखिम-साझाकरण तंत्र शुरू करने पर केंद्रित हैं। विश्व बैंक की ओर से सुझाए गए उपायों में से एक एनबीएफसी पर मौजूदा ब्याज सीमा को हटाना है ताकि वे सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) के तहत गारंटी के लिए पात्र हो सकें।
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विश्व बैंक का कहना है कि इस सीमा को समाप्त करने से एनबीएफसी के पास एमएसएमई को ऋण देने में अधिक लचीलापन उपलब्ध होगा, जिससे छोटे व्यवसायों के लिए वित्तपोषण तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि एनबीएफसी पर पर विनियामक पर्यवेक्षण कड़ा करने से छोटे और मध्यम आकार के एनबीएफसी के लिए लिक्विडिटी से जुड़ी चिंताएं बढ़ीं हैं। 

लिक्विडिटी की चिंताओं को दूर करने के लिए विश्व बैंक ने एक स्थायी व्यवस्था शुरू करने की अनुशंसा करता है जिसमें विकास वित्त संस्थानों (DFI), लक्षित दीर्घकालिक रेपो परिचालन (TLTRO) और आंशिक ऋण गारंटी योजनाओं के जरिए एक निश्चित अवधिक की लिक्विटी सुविधाएं शामिल हैं। ऐसे उपाय एनबीएफसी के लिए धन का एक स्थिर प्रवाह सुनिश्चित करेंगे और छोटे और मझोले उद्योगों को अधिक वित्तपोषण उपलब्ध होगा।

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