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Kharif Estimate: सरकार ने 2024-25 खरीफ सीजन के लिए रिकॉर्ड 119.93 मीट्रिक टन चावल उत्पादन का अनुमान लगाया

Tue, 05 Nov 2024 05:37 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Kharif Crops Estimate: सरकार ने मंगलवार को खरीफ फसलों के उत्पादन से जुड़ा अग्रिम अनुमान जारी किया। यह अनुमान सरकारी गोदामों में पर्याप्त स्टॉक की जानकारी के बीच आया है। पिछले साल के खरीफ सीजन की तुलना में इस बार 6.67 मिलियन टन अधिक चावल का उत्पादन होने का अनुमान है। फिलहाल, देश भर में मुख्य खरीफ फसल की कटाई चल रही है। आइए जानतें हैं सरकार की ओर से जारी अनुमान में क्या-क्या कहा गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Istock
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विस्तार
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कृषि मंत्रालय के अनुसार अच्छे मानसून के कारण 2024-25 के खरीफ सत्र में भारत का चावल उत्पादन रिकॉर्ड 119.93 मिलियन टन (एमटी) तक पहुंचने की संभावना है। सरकार ने इस बारे में मंगलवार को पहला अग्रिम अनुमान जारी किया। यह अनुमान सरकारी गोदामों में पर्याप्त स्टॉक की जानकारी के बीच आया है। पिछले साल के खरीफ सीजन की तुलना में इस बार 6.67 मिलियन टन अधिक चावल का उत्पादन होने का अनुमान है। देश भर में मुख्य खरीफ फसल की कटाई चल रही है।

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मोटे अनाजों में, मक्का का उत्पादन 2024-25 खरीफ सीजन (जुलाई-जून) के लिए 24.54 मीट्रिक टन के सर्वकालिक उच्च स्तर पर रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 22.24 मीट्रिक टन से अधिक है। ज्वार का उत्पादन 2.19 मीट्रिक टन रहने का अनुमान है, जबकि बाजरा उत्पादन घटकर 9.37 मीट्रिक टन रहने की संभावना है।

अनुमान के अनुसार मोटे अनाज का कुल उत्पादन एक वर्ष पूर्व की समान अवधि के 56.93 मिलियन टन की तुलना में घटकर 37.81 मीट्रिक टन रह सकता है। मंत्रालय का मानना है कि 2024-25 खरीफ सीजन के लिए कुल खाद्यान्न उत्पादन 164.70 मीट्रिक टन होगा, जो पिछले वर्ष के 155.76 मीट्रिक टन से अधिक है।
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दलहन उत्पादन 6.97 मीट्रिक टन की तुलना में 6.95 मीट्रिक टन पर लगभग स्थिर रहने की उम्मीद है, जबकि तिलहन उत्पादन 24.16 मीट्रिक टन से बढ़कर 25.74 मीट्रिक टन होने की संभावना है। भारत दालों और तिलहनों की घरेलू कमी को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर है। नकदी फसलों में गन्ने का उत्पादन पिछले वर्ष के 453.15 मीट्रिक टन से घटकर 439.93 मीट्रिक टन रहने का अनुमान है।

कपास का उत्पादन 32.52 मिलियन गांठों के मुकाबले घटकर 29.92 मिलियन गांठें (170 किग्रा प्रत्येक) रहने का अनुमान है, जबकि जूट/मेस्टा का उत्पादन 9.69 मिलियन गांठों से घटकर 8.45 मिलियन गांठें (180 किग्रा प्रत्येक) रहने का अनुमान है। पहली बार मंत्रालय ने मैनुअल गिरदावरी प्रणाली के स्थान पर डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत डिजिटल फसल सर्वेक्षण (डीसीएस) डेटा का उपयोग करके क्षेत्र अनुमान तैयार किया। मंत्रालय ने कहा कि डीसीएस ने खरीफ 2024 में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और ओडिशा के सभी जिलों को कवर किया, जिससे "विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में चावल के क्षेत्र में पर्याप्त वृद्धि हुई"।

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