देश के विशाल असंगठित कार्यबल को औपचारिक कल्याणकारी दायरे में लाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। श्रम व रोजगार मंत्रालय ने असंगठित श्रमिकों के साथ-साथ गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए 'राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड' (National Social Security Board) के गठन को अधिसूचित कर दिया है। सामाजिक सुरक्षा संहिता के वैधानिक ढांचे के तहत स्थापित यह बोर्ड देश के डिजिटल गिग और प्लेटफॉर्म पेशेवरों को भारत के औपचारिक कल्याणकारी ढांचे में एकीकृत करने वाला एक ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है। इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य करोड़ों गिग, प्लेटफॉर्म और पारंपरिक असंगठित श्रमिकों के लिए लक्षित कल्याणकारी योजनाएं तैयार करना, उनकी निगरानी करना और सामाजिक सुरक्षा के अंतर को दूर करना है।
गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिक किन्हें माना जाता है?
असंगठित क्षेत्र में डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ श्रम पद्धतियों में बदलाव आया है। आधिकारिक परिभाषा के अनुसार:
- गिग श्रमिक: ऐसे व्यक्ति जो पारंपरिक नियोक्ता-कर्मचारी संबंध से बाहर स्वतंत्र रूप से काम करते हैं या कार्य व्यवस्था में भाग लेकर कमाई करते हैं, उन्हें गिग श्रमिक कहा जाता है।
- प्लेटफॉर्म श्रमिक: जो श्रमिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से या उनके साथ जुड़कर कार्य में संलग्न होते हैं, उन्हें प्लेटफॉर्म श्रमिक के रूप में परिभाषित किया गया है।
राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की अध्यक्षता कौन करेगा?
इस नवगठित राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की संरचना को व्यापक और समावेशी बनाया गया है।
- अध्यक्षता: बोर्ड की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री करेंगे।
- सदस्यता: इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा प्रमुख एग्रीगेटर कंपनियों, नियोक्ताओं, नागरिक समाज संगठनों (Civil Society Organisations), श्रमिक संघों और गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर एसोसिएशनों के प्रतिनिधि भी इस बोर्ड में शामिल किए गए हैं।
- बैठकें: केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार, राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की बैठक वर्ष में कम से कम तीन बार आयोजित की जाएगी और यह अपनी बैठकों में व्यापार के संचालन से संबंधित नियमों का पालन करेगा।
बोर्ड की मुख्य जिम्मेदारियां और कार्य क्या होंगे?
राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड को सामाजिक सुरक्षा अंतराल को समाप्त करने के लिए व्यापक शक्तियां और दायित्व सौंपे गए हैं। बोर्ड के प्रमुख कार्यों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
योजनाओं की सिफारिश: बोर्ड असंगठित श्रमिकों, गिग श्रमिकों और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के विभिन्न वर्गों के लिए उपयुक्त कल्याणकारी योजनाएं तैयार करने हेतु केंद्र सरकार को सिफारिशें करेगा।
- सलाह और निगरानी: यह सामाजिक सुरक्षा संहिता के प्रशासन से उत्पन्न होने वाले और संदर्भित किए गए मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देगा। साथ ही, यह केंद्र सरकार द्वारा संचालित सामाजिक कल्याण योजनाओं की निगरानी करेगा।
- रिकॉर्ड और फंड समीक्षा: बोर्ड राज्य स्तर पर किए जाने वाले रिकॉर्ड-कीपिंग कार्यों की समीक्षा करेगा और फंड तथा खातों से होने वाले खर्च का मूल्यांकन भी करेगा।
- अतिरिक्त कार्य: बोर्ड केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर सौंपे गए अन्य कार्यों को भी पूरा करेगा।
इस पहल का भारत के असंगठित क्षेत्र पर क्या असर पड़ेगा?
राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन भारत के अनौपचारिक और डिजिटल कार्यबल को सामाजिक सुरक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास है। एग्रीगेटर कंपनियों, श्रमिक संघों और सरकार के संयुक्त प्रतिनिधित्व के साथ यह बोर्ड योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शी निगरानी को सुनिश्चित करेगा। आने वाले समय में बोर्ड द्वारा अनुशंसित कल्याणकारी योजनाओं के लागू होने से असंगठित और गिग श्रमिकों के अधिकारों व सुरक्षा को नया आधार मिलने की उम्मीद है।