केंद्र सरकार ने गेहूं और उससे जुड़े विभिन्न उत्पादों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से अब ड्यूरम किस्म के अनाज सहित सभी प्रकार के गेहूं का निर्यात किया जा सकेगा। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचनाएं जारी की हैं।
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इन अधिसूचनाओं के अनुसार, सरकार ने गेहूं के आटे के निर्यात की भी अनुमति दे दी है। इसके साथ ही मैदा और सूजी जैसे गेहूं से बने अन्य उत्पादों का निर्यात भी अब 'मुक्त' श्रेणी में आ गया है। यह कदम देश के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने में सहायक होगा। डीजीएफटी ने स्पष्ट किया है कि गेहूं की निर्यात नीति को 'प्रतिबंधित' से 'मुक्त' श्रेणी में संशोधित किया गया है। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इस निर्णय से वैश्विक बाजार में भारतीय गेहूं उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी।
पूर्व में थी सीमित निर्यात की अनुमति
सरकार ने इससे पहले फरवरी में गेहूं की सीमित खेपों के निर्यात की अनुमति दी थी। उस समय कुछ विशेष शर्तों के तहत ही गेहूं का निर्यात संभव था। वर्तमान निर्णय उस आंशिक छूट से आगे बढ़कर पूर्ण प्रतिबंध हटाने की घोषणा है। यह किसानों और निर्यातकों दोनों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।