सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के निदेशकों की नियुक्ति करने वाली संस्था एफएसआईबी के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है।
वित्तीय सेवा संस्थान ब्यूरो (एफएसआईबी) का कार्यकाल पिछले वर्ष भी एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया था। एफएसआईबी में सदस्य के रूप में पूर्व के ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष और एमडी अनिमेष चौहान, आरबीआई के पूर्व कार्यकारी निदेशक दीपक सिंघल और पूर्व आईएनजी वैश्य बैंक के पूर्व एमडी शैलेन्द्र भंडारी हैं।
2022 में सरकार ने कुछ संशोधन करके BBB को वित्तीय सेवा संस्थान ब्यूरो (FSIB) में बदल दिया। सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों के महाप्रबंधकों और निदेशकों के चयन के लिए दिशा-निर्देशों को FSIB का हिस्सा बना दिया गया है।
बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के पूर्णकालिक निदेशकों और गैर-कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्तियों के लिए सिफारिशें करने हेतु एकल इकाई के रूप में एफएसआईबी की स्थापना की गई। एफएसआईबी की सिफारिशों के आधार पर, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एसीसी नियुक्तियों पर विचार करती है और उन्हें मंजूरी देती है।
प्रधानमंत्री ने 2016 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) और राज्य के स्वामित्व वाली वित्तीय संस्थाओं के पूर्णकालिक निदेशकों के साथ-साथ गैर-कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए सिफारिशें करने हेतु प्रतिष्ठित पेशेवरों और अधिकारियों के एक निकाय के रूप में बीबीबी के गठन को मंजूरी दी थी।