केंद्र सरकार जल्द ही समुद्र किनारे रहने वाले नागरिकों और मछुआरों को एक विशेष प्रशिक्षण देने पर विचार कर रही है, जिसके बाद वो कहीं पर भी नाविक की नौकरी कर सकेंगे। केंद्रीय जहाजरानी मंत्री मनसुख लाल मांडविया ने इस बात की घोषणा मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए की।
7300 किमी लंबा है समुद्री किनारा
मांडविया ने कहा कि देश के पास 7300 किलोमीटर लंबा समुद्री किनारा है। यहां पर रहने वाले लोग और मछुआरे अपनी जीविका के लिए पूरी तरह से समुद्र पर निर्भर हैं। ऐसे में इन लोगों को विशेष प्रशिक्षण देकर के नाविक बनाया जा सकता है। ताकि आगे चलकर इनको आसानी से नौकरी मिल सके। विश्व में भारत की इस क्षेत्र में काफी कम हिस्सेदारी है।
15 दिन मिलेगा प्रशिक्षण
योजना के मुताबिक ऐसे इच्छुक लोगों को सरकार की तरफ से 15 दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद इनको जहाजरानी निदेशालय से सर्टिफिकेट दिया जाएगा। वहीं लोगों को अलग-अलग विभागों में प्रशिक्षण देने पर भी विचार किया जा रहा है। विश्व में अभी 50 लाख नाविकों की दरकरार है।
92 हजार से दो लाख पहुंची संख्या
अभी सरकार के विभिन्न प्रयासों से इनकी संख्या 92 हजार से बढ़कर दो लाख पहुंची है, लेकिन अभी काफी संभावनाए हैं। मांडविया ने कहा कि एक छोटे से देश में भी आठ लाख लोग नाविक के तौर पर नौकरी कर रहे हैं।
देशी-विदेशी जहाजों पर 2.08 लाख नाविक
सरकार द्वारा जारी डाटा के अनुसार 2018 में भारतीय या फिर विदेशी जहाज पर भारतीय नाविकों की संख्या में 35 फीसदी इजाफा देखने को मिला है। यह 1.54 लाख से बढ़कर 2.08 लाख हो चुका है। वहीं प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों की संख्या 2018 में बढ़कर 19,545 हो चुकी है। 2017 में यह आंकड़ा 14,307 था। इस हिसाब से इसमें 37 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है।