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प्याज संकट: बढ़ती कीमतों पर सरकार का वार, दिल्ली में 35 रुपये प्रति किलो के भाव पर प्याज की बिक्री शुरू

Thu, 27 Aug 2026 06:26 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार ने दिल्ली में प्याज की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर खुदरा बिक्री शुरू की। जानें कैसे सरकार बफर स्टॉक और 'कंदा एक्सप्रेस' के जरिये आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है।
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प्याज की बढ़ती कीमतें। - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को दिल्ली में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर प्याज की खुदरा बिक्री शुरू की गई। यह मौजूदा बाजार मूल्य 62 रुपये प्रति किलोग्राम से 44 फीसदी कम है। सरकार का यह कदम आम लोगों को राहत देने और कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयासों का हिस्सा है।

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सरकार अपने बफर स्टॉक से प्याज बेच रही है। उपभोक्ता मामले सचिव निधि खरे ने बताया कि कीमतें कालाबाजारी, जमाखोरी और मुनाफाखोरी के कारण बढ़ी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि त्योहारी सीजन में मांग पूरी करने के लिए देश में प्याज की पर्याप्त आपूर्ति है। खरे ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने पर विचार नहीं कर रही है। आपूर्ति में कोई समस्या नहीं होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। अप्रैल-जून 2026 के दौरान, प्याज का निर्यात लगभग 3.82 लाख टन रहा। सचिव निधि खरे ने खुदरा बिक्री की शुरुआत करते हुए प्याज ले जा रहे कई छोटे ट्रकों को हरी झंडी दिखाई। यह बफर प्याज स्टॉक की खुदरा बिक्री का प्रतीक था।

कीमतों पर नियंत्रण के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?

खुदरा बिक्री तीन एजेंसियों - नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार- के माध्यम से की जाएगी। मदर डेयरी भी अपने सफल स्टोर के जरिये प्याज बेचेगी। आपूर्ति को तेजी से पहुंचाने के लिए, सरकार कंदा एक्सप्रेस नामक समर्पित रेलवे रैक के माध्यम से राजधानी में बड़ी मात्रा में प्याज भेज रही है। ऐसा पहला रैक, जिसमें 800 टन प्याज है, नासिक से दिल्ली के लिए रवाना हो चुका है। यह गुरुवार को दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। उपभोक्ता मामले विभाग ने बुधवार को बताया कि आने वाले महीनों में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्याज की उपलब्धता आरामदायक है।

क्या प्याज का उत्पादन पर्याप्त है?

2025-26 में प्याज का उत्पादन 307.37 लाख टन अनुमानित है। यह पिछले वर्ष के 307.67 लाख टन के मुकाबले थोड़ा कम है। विभाग ने कहा कि मजबूत उत्पादन और बफर स्टॉक की उपलब्धता है। सक्रिय बाजार हस्तक्षेप से आने वाले महीनों में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे मौसमी मूल्य दबाव भी नियंत्रित रहने की उम्मीद है। सरकार ने बफर स्टॉक के लिए लगभग 1.21 लाख टन प्याज खरीदा है।

सरकार उपभोक्ताओं और किसानों के हितों की रक्षा कैसे कर रही है?

उपभोक्ता मामले विभाग उपभोक्ताओं और किसानों के हितों की रक्षा के लिए राज्यों में प्याज की कीमतों की निगरानी कर रहा है। यह आवक और उपलब्धता पर भी बारीकी से नजर रख रहा है। विभाग ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए और कदम उठाए जाएंगे। अनुचित मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए भी उपाय किए जाएंगे। ओणम, गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा, दशहरा, दिवाली और शादी के सीजन सहित त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ, प्याज की कीमतों में आमतौर पर मौसमी वृद्धि देखी जाती है। 2026-27 के लिए सेंट्रल वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन (सीडब्ल्यूसी) को पहली बार प्याज बफर के लिए भंडारण एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है।

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