सूचना प्रौद्योगिकी एवं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने व्हाट्सएप जासूसी मामले में आरोपों से घिरी सरकार का राज्यसभा में जम कर बचाव किया। कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों ने इस मसले पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव ला कर सरकार से स्थिति साफ करने को कहा। इस पर जवाब देने खड़े हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, व्हाट्सएप जासूसी पर अबतक कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने विपक्ष से इस मामले में राजनीति नहीं करने की अपील की।
प्रसाद ने सदन को बताया कि सरकार व्हाट्सएप जैसे मैसेजिंग प्लेटफार्म पर नागरिकों की निजता और सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार इस व्यवस्था को और भी सुरक्षित करने का लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने साफ किया कि भ्रष्टाचारियों और आतंकवादियों को कही भी निजता का अधिकार नहीं है। प्रसाद ने कहा, जासूसी विवाद के इतने दिनों के बाद भी किसी की ओर से कोई औपचारिक शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है। यह साफ है कि इस मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
प्रसाद ने साफ किया कि 31 अक्तूबर को मीडिया में खबर आई कि इस्रायली स्पाईवेयर पेगासस के जरिए व्हाट्सएप पर जासूसी की गई। अगले ही दिन इसका संज्ञान लेते हुए दूरसंचार मंत्रालय ने व्हाट्सएप से चार दिन के भीतर जवाब मांगा है।
व्हाट्सएप ने सरकार को बताया कि अप्रैल-मई में इस बारे में पता चला और इसे तुरंत ठीक कर लिया गया। सरकार को यह जानकारी भी दी गई कि हैकर्स ने 121 भारतीयों के मोबाइल को निशाना बनाने की कोशिश की।
व्हाट्सएप ने बताया कि कुछ खतरा था जिसे दूर कर लिया गया है। अब इसमें आगे कुछ करने की जरूरत नहीं है। हालांकि विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। विपक्ष का कहना था कि सरकार जासूसी के मूल प्रश्न का जवाब नहीं दे रही है।