केंद्र ने दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सहायक उपकरणों के मानकों और पहुंच को विनियमित करने के लिए मसौदा नियमों के हिस्से के रूप में प्रमाणन, खरीद, ट्रैकिंग, वितरण और शिकायत निगरानी के लिए एक ऑनलाइन सहायक प्रौद्योगिकी पोर्टल स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।
सहायक प्रौद्योगिकी (मानक और सुगम्यता) नियम, 2025 के प्रारूप में वर्गीकरण, प्रमाणन, खरीद, सामर्थ्य, उपयोगकर्ता सुरक्षा और मौजूदा स्वास्थ्य व सामाजिक कल्याण योजनाओं में सहायक प्रौद्योगिकी को शामिल करते हुए एक व्यापक रूपरेखा बनाई गई है।
नियमों में सहायक प्रौद्योगिकी को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। ये हैं- आवश्यक (जैसे व्हीलचेयर, चश्मा, श्रवण यंत्र), विशिष्ट (जैसे स्क्रीन रीडर, कृत्रिम अंग, कोक्लीयर प्रत्यारोपण) और उभरती हुई (जैसे एआई-सक्षम उपकरण, रोबोटिक्स, मस्तिष्क-कंप्यूटर इंटरफेस सिस्टम)।
सभी सहायक उत्पादों को उपयोग के लिए उपलब्ध कराए जाने से पहले भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) या किसी अन्य अधिसूचित प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होना आवश्यक होगा।
प्रमाणन केंद्र द्वारा नामित सक्षम प्राधिकारियों द्वारा किया जाएगा, और उपकरण श्रेणियों के आधार पर चरणबद्ध कार्यान्वयन किया जाएगा। निर्माण, आयात, भंडारण और वितरण को अन्य लागू कानूनों का भी पालन करना होगा। मसौदे में कहा गया है कि ऐसे उपकरणों की सरकारी खरीद पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी, तथा केवल प्रमाणित निर्माताओं से ही खरीद की जाएगी।
दिशानिर्देशों में कहा गया है कि आवश्यक उपकरणों के लिए नुस्खे, अनुकूलन या फिटिंग की आवश्यकता हो सकती है। वितरण को जिला और क्षेत्रीय स्तर पर समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य रसद और चिकित्सा आपूर्ति शृंखलाओं के साथ जोड़ा जाएगा।
सरकार की योजना के मुताबिक केंद्र और राज्य सब्सिडी, प्रतिपूर्ति और बीमा कवरेज की पेशकश करने वाली योजनाएं बनाएंगे। जिसमें मरम्मत, प्रतिस्थापन और प्रतिपूर्ति शामिल होगी, जहां उपयोगकर्ता सीधे लागत वहन करेंगे।
आपदाओं और आपात स्थितियों के दौरान आवश्यक सहायक उपकरणों के तत्काल प्रतिस्थापन के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। मसौदे में शिकायतों और फीडबैक के लिए एक राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन की भी व्यवस्था की गई है। इसका समाधान 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। हेल्पलाइन और जागरूकता अभियान भारतीय सांकेतिक भाषा, आवाज और पाठ-आधारित प्लेटफार्मों सहित कई प्रारूपों में उपलब्ध होंगे।