रसोई गैस सिलेंडर और केरोसिन के बाद केंद्र सरकार अब पीएनजी कनेक्शन धारकों को भी सब्सिडी देने जा रही है। इस संबंध में नीति आयोग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसको लागू करने के लिए जल्द घोषणा की जाएगी। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि इसकी घोषणा केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव के लिए जारी होने वाले एनडीए के संकल्प पत्र में कर सकती है।
सभी को मिलेगा फायदा
अभी रसोई गैस और केरोसिन की तुलना में पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) काफी सस्ती पड़ती है। सरकार ने कहा है कि वो इस पर होने वाले खर्च का फिलहाल आकलन कर रही है। नीति आयोग ने पिछले साल पेट्रोलियम मंत्रालय को लिखा था कि रसोई में इस्तेमाल होने वाले सभी प्रकार के ईंधन पर सब्सिडी देने पर विचार करे। अभी केंद्र सरकार केवल एलपीजी और केरोसिन पर सब्सिडी देती है।
24500 करोड़ की सब्सिडी
सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 में एलपीजी पर 20 हजार करोड़ रुपये और केरोसिन पर 4500 करोड़ रुपये सब्सिडी का प्रावधान रखा है। अगर नया प्रस्ताव लागू होता है तो फिर लोगों के बैंक खाते में सीधा पैसा जाएगा। नीति आयोग का मत है कि सरकार अलग-अलग ईंधन पर सब्सिडी देने के बजाए एक ही सब्सिडी पर विचार करे।
छोटे शहरों व गांवो में पहुंचेगा पीएनजी का दायरा
आयोग का मानना है कि टियर दो व तीन और बड़े गांवों में रहने वाले लोगों को भी पीएनजी का लाभ मिलना चाहिए। अभी सभी एलपीजी ग्राहकों को बाजार रेट पर 14.2 किलो का सिलेंडर खरीदना पड़ता है। प्रत्येक साल 12 सिलेंडर पर सरकार बैंक खातों पर सब्सिडी को ट्रांसफर करती है। वहीं इससे ज्यादा सिलेंडर लेने पर बाजार दर पर ही इसे खरीदना पड़ता है।