वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)
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केंद्र सरकार अगले सप्ताह बजट में ई-वाणिज्य आयात और निर्यात के लिए थोक मंजूरी की सुविधा प्रदान करने जैसे उपायों की घोषणा कर सकती है। सूत्रों ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि तेजी से बढ़ रहे ई-वाणिज्य क्षेत्र की वृद्धि को और गति प्रदान करने के लिए ऐसा किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि देश में ई-वाणिज्य क्षेत्र में कई गुना वृद्धि हुई है। इसके कारण ई-वाणिज्य मंचों के मार्फत काफी संख्या में उत्पाद देश से बाहर जा रहे हैं और यहां आ रहे हैं। अत: इस क्षेत्र में नियंत्रण व सुविधाओं के क्रियान्वयन में संतुलन बनाने की जरूरत है।
अभी आयातकों और निर्यातकों को भारतीय सीमा शुल्क विभाग के साथ प्रत्येक पैकेज के लिए अलग-अलग निकासी दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है। इससे ई-वाणिज्य के जरिये कारोबार करने पर व्यापारियों की लागत बढ़ती है।
एक सूत्र ने कहा, ‘भारत में ई-वाणिज्य क्षेत्र की वृद्धि का समर्थन करने के उद्देश्य से इस क्षेत्र से संबंधित आयात व निर्यात के लिये थोक मंजूरी की सुविधा की आवश्यकता है।’ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को 2021-22 का आम बजट पेश करने वाली हैं।
'भारतीय ई-कॉमर्स उद्योग COVID-19 महामारी के कारण सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। जहां त्योहारी सीजन के दौरान मांग में कुछ कमी देखी गई, वहीं इस मांग का निर्वाह उद्योग की समग्र राजस्व संभावनाओं के लिए महत्वपूर्ण है। बजट 2021 में बुनियादी ढांचा, भौतिक और डिजिटल दोनों में सुधार लाने और आपूर्ति श्रृंखला की अक्षमताओं को दूर करने के लिए टियर II, III और IV शहरों में आगे बढ़ने पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है। सरकार को कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के लिए अपने डिजिटल पुश को दोहराने की उम्मीद है डिजिटल भुगतान जैसे कि यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई), क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से भुगतान के लिए प्रोत्साहन करने की उम्मीद हैं। ई-कॉमर्स के इन्वेंट्री मॉडल के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों पर भी गौर किया जा सकता है।'
- श्री राजेश सिंगला, संस्थापक, Woodpecker Prints