गूगल ने ऑस्ट्रेलिया की दो सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा-विरोधी समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए 55 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (36 मिलियन डॉलर) का जुर्माना देने पर सहमति दी है। इसके तहत कुछ स्मार्टफोन पर प्रतिस्पर्धी सर्च इंजन की स्थापना पर प्रतिबंध लगाया गया था। यह जानकारी अमेरिकी प्रौद्योगिकी दिग्गज और ऑस्ट्रेलिया की प्रतिस्पर्धा नियामक संस्था ने दी।
ऑस्ट्रेलियाई प्रतिस्पर्धा व उपभोक्ता आयोग ने एक बयान में कहा कि उसने सोमवार को ऑस्ट्रेलियाई संघीय न्यायालय में सिंगापुर स्थित गूगल के एशिया प्रशांत प्रभाग के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी है। न्यायालय यह तय करेगा कि 50 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (36 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) का जुर्माना उचित है या नहीं।
प्रतिस्पर्धा-विरोधी समझौतों के तहत, जो मार्च 2021 तक 15 महीनों के लिए लागू थे, टेल्स्ट्रा और ऑप्टस ने ग्राहकों को बेचे जाने वाले एंड्रॉइड फोन पर केवल गूगल सर्च ही प्री-इंस्टॉल किया था। अन्य सर्च इंजन इससे बाहर थे। बदले में, दूरसंचार कंपनियों को उन ग्राहकों से गूगल की ओर से अर्जित विज्ञापन राजस्व का एक हिस्सा मिलता था। आयोग के अनुसार गूगल ने स्वीकार किया कि इन समझौतों से प्रतिस्पर्धा में "काफी कमी" आने की संभावना है।
प्रौद्योगिकी कंपनी ने एक बयान में कहा, "हम एसीसीसी की चिंताओं का समाधान करके खुश हैं, इसमें कुछ ऐसी चीजें थीं जो कुछ समय से हमारे वाणिज्यिक समझौतों में शामिल नहीं थे।" आयुक्त की अध्यक्ष जीना-कैस गोटलिब ने कहा, "प्रतिस्पर्धा को प्रतिबंधित करने वाला आचरण ऑस्ट्रेलिया में अवैध है क्योंकि इसका मतलब आमतौर पर उपभोक्ताओं के लिए कम विकल्प, उच्च लागत या बदतर सेवा है।"
कैस-गोटलिब ने कहा, "महत्वपूर्ण बात यह है कि ये परिवर्तन ऐसे समय में आ रहे हैं जब एआई सर्च खोजने के हमारे तरीके में क्रांति ला रहे हैं। इससे नई प्रतिस्पर्धा पैदा हो रही है।" पिछले वर्ष, टेल्स्ट्रा, ऑप्टस और उनके छोटे प्रतिद्वंद्वी टीपीजी ने आयोग के साथ न्यायालय की ओर से लागू की जाने वाली बातों पर सहमति व्यक्त की थी।