उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत उत्तर भारत के कई राज्यों के कारोबारियों और आम जनता के लिए राहत भरी खबर है। अब देश के दूर-दराज के इलाकों से आने वाला सामान और माल कम समय में और कम लागत पर गंतव्य तक पहुंचेगा। इसके लिए भारतीय रेलवे द्वारा देश भर में 500 से अधिक गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल विकसित किए जाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।
क्या है गति शक्ति कार्गो टर्मिनल योजना?
केंद्र सरकार देश में माल ढुलाई लागत को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में रेलवे और सड़क मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं। ये टर्मिनल उन व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण शहरों और क्षेत्रों में बनाए जा रहे हैं, जहां माल ढुलाई की भारी संभावना है। ये सभी स्थान पहले से रेलवे लाइनों से जुड़े हुए हैं और उन्हीं लाइनों के आसपास इनका निर्माण किया जा रहा है, जिससे परिवहन व्यवस्था सुगम हो।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में तेजी से चल रहा काम
मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में विशेष रूप से जोर दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में पहले से ही 20 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल बनकर तैयार हैं या उन पर निर्माण कार्य चल रहा है। अब बढ़ती मांग को देखते हुए 20 और नए टर्मिनल बनाए जाएंगे।
पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में भी माल ढुलाई को सुगम बनाने के लिए 3 नए गति शक्ति टर्मिनलों का निर्माण किया जाएगा। इन सभी टर्मिनलों के निर्माण से जुड़े प्रस्तावों और अप्रूवल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और संभावना है कि इस साल के अंत तक मंत्रालय से इनकी अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों में भी बढ़ेगी सुगमता
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलावा उत्तर भारत के अन्य प्रमुख औद्योगिक और कृषि राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भी माल ढुलाई को आसान बनाने और लॉजिस्टिक लागत घटाने के लिए इन टर्मिनलों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है।
टर्मिनलों की क्या होगी खासियत?
- इन लॉजिस्टिक टर्मिनलों पर माल की लोडिंग और अनलोडिंग के लिए अत्याधुनिक मशीनें और उपकरण उपलब्ध होंगे।
- यहां रेल के साथ-साथ सड़क मार्ग की भी बेहतरीन सुविधा होगी।
- यदि माल बहुत दूर भेजना है, तो रेलवे की तेज सुविधा मिलेगी और पास के इलाकों के लिए सड़क मार्ग उपलब्ध होगा। इससे सामान की डिलीवरी तय समय से काफी पहले हो सकेगी और व्यापारियों की ढुलाई लागत में भारी कमी आएगी।