नए वर्ष में भारत की विकास दर में गिरावट दर्ज की जा सकती है। यह आशंका इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी गोल्डमैन सैक्स ने जताई गई है। कंपनी का मानना है कि वर्ष 2023 में भारत की जीडीपी (विकास दर) घटकर 5.9 फीसदी हो जाएगी। वहीं, मौजूदा वित्तीय वर्ष में इसके 6.9 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही गोल्डमैन सैक्स की ओर से यह भी कहा गया है कि वर्ष 2023 की दूसरी छमाही के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था में एक बार फिर गति लौट सकती है।
गोल्डमैन सैक्स के आर्थशास्त्रियों ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि कोरोना महामारी के बाद अर्थव्यवस्था में जो तेजी आई है, वह आने वाले वर्ष की पहली छमाही में धीमी पड़ सकती है। महंगाई पर नियंत्रण के लिएकेंद्रीय बैक ने ब्याज दरों में में जो बढ़ोतरी की है उसका असर भी वस्तुओं की कीमतों और मांग में गिरावट के रूप में पड़ता दिखेगा। ऐसे में आने वाले वर्ष की पहली छमाही में विकास दर में सुस्ती दर्ज की जा सकती है। हालांकि गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2023 की दूसरी छमाही में आर्थव्यवस्था में एक बार फिर तेजी लौटेगी।