क्या है तेजी का प्रमुख कारण?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी में इस विस्फोटक तेजी के पीछे कई मैक्रोइकोनॉमिक और भू-राजनीतिक कारक काम कर रहे हैं-
- भू-राजनीतिक संकट: ईरान के साथ बढ़ता तनाव, वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य दबाव और ग्रीनलैंड पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टिप्पणियों के बाद NATO से जुड़ी अनिश्चितताओं ने 'ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट' को नाजुक बना दिया है।
- सप्लाई-डिमांड गैप: चांदी की औद्योगिक मांग (सोलर पावर, ईवी और इलेक्ट्रॉनिक्स) लगातार बढ़ रही है, जबकि सप्लाई में कमी (Shortage) देखी जा रही है।
- पोर्टफोलियो इंश्योरेंस: स्मार्ट वेल्थ एआई के फाउंडर, पंकज सिंह का कहना है कि वैश्विक विकास दर की अनिश्चितता के बीच निवेशक बुलियन को 'मोमेंटम ट्रेड' के बजाय 'पोर्टफोलियो इंश्योरेंस' के तौर पर देख रहे हैं।
क्या अभी चांदी खरीदकर पैसे बन सकते हैं?
अब बड़ा सवाल है कि क्या वर्तमान कीमतों के बावजूद चांदी में निवेश कर बेहतर रिटर्न हासिल किया जा सकता है? आइए इसका जवाब जानते हैं। जहां कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं कुछ विश्लेषक मौजूदा हालात में सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
- गिरावट के संकेत: एक हालिया 'ऑग्मेंट रिपोर्ट' के मुताबिक, इतनी तेज रैली के बाद मुनाफावसूली आ सकती है। रिपोर्ट में भविष्यवाणी की गई है कि कीमतें 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर सकती हैं, हालांकि इसके बाद दोबारा तेजी आने के आसार हैं।
- बजट पर नजर: निवेशक अब 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट में सोने पर आयात शुल्क से जुड़े संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।