देश की राजधानी दिल्ली में गुरुवार को सोने की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। यह 4,300 रुपये बढ़कर तीन महीने के उच्चतम स्तर 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी के भाव में भी 10,000 रुपये का भारी उछाल आया। माना जा रहा है कि कमजोर डॉलर के कारण निवेशकों ने बहुमूल्य धातुओं की ओर रुख किया।
स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 4,300 रुपये बढ़कर 1,62,300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इसमें सभी कर शामिल हैं। बुधवार को सोना 1,58,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इससे पहले 26 मई को यह 1,62,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के तुलनीय स्तर पर था।
सोने-चांदी की कीमतों में कितना उछाल आया?
चांदी ने भी सोने की तेजी का अनुसरण किया। यह 10,000 रुपये उछलकर 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम के सात सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसमें भी सभी कर शामिल हैं। पहले यह 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी। सफेद धातु ने 3 जुलाई को 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम के करीब कारोबार किया था। इस तरह चांदी भी अपने पुराने उच्च स्तर पर लौट आई है। यह वृद्धि निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक- कमोडिटीज, सौमिल गांधी ने बताया कि गुरुवार को सोना दो महीने से अधिक के उच्चतम स्तर के करीब था। इसे अमेरिकी डॉलर में तेज गिरावट का समर्थन मिला। ट्रेजरी प्रतिफल में कमी भी एक वजह रही। डॉलर सूचकांक तीन महीने के निचले स्तर पर फिसल गया। कम ट्रेजरी बॉन्ड प्रतिफल ने सोने जैसी परिसंपत्तियों का आकर्षण बढ़ा दिया। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी को प्राथमिकता दी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या स्थिति है और अमेरिकी ट्रेजरी का क्या प्रभाव है?
स्पॉट बुलियन कीमतों में यह तेजी विदेशी बाजारों में गिरावट के बावजूद आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 66.31 अमेरिकी डॉलर या 1.47 फीसदी गिरकर 4,456.72 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी भी लगभग 2 फीसदी गिरकर 65.82 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटीज प्रमुख, प्रवीण सिंह ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 2 फीसदी से अधिक का उछाल आया। इससे हाजिर सोना 4,450 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा था।
लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध प्रमुख, गौरव गर्ग ने बताया कि अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि के बॉन्ड बायबैक बढ़ाने के बाद कम अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल और कमजोर डॉलर के कारण सोना जून की शुरुआत से अपने उच्चतम स्तर के करीब बना रहा। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा कि वह मौजूदा अगस्त तिमाही में ऑफ-द-रन प्रतिभूतियों की बायबैक मात्रा को कम से कम दोगुना करेगा। यह दो अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर चार अरब अमेरिकी डॉलर किया जाएगा। सिंह ने कहा कि निवेशकों ने इस कदम को एक संकेत के रूप में देखा कि अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बाजार पर कड़ी निगरानी रखेगा। आगे की कार्रवाई की संभावना से भी इन्कार नहीं किया गया है।