भारतीय कमोडिटी बाजार में सोमवार को भारी उथल-पुथल देखने को मिली। पिछले कुछ सत्रों से जारी रिकॉर्ड तोड़ तेजी पर ब्रेक लगाते हुए निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमतें अपने अब तक के उच्चतम स्तर से करीब 3 प्रतिशत तक टूट गईं, वहीं सोने ने भी अपनी चार दिनों की तेजी का सिलसिला समाप्त कर दिया।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन चांदी के वायदा कारोबार में जबरदस्त अस्थिरता रही। शुरुआती कारोबार में चांदी ने 2,54,174 रुपये प्रति किलोग्राम का नया लाइफटाइम हाई छुआ, लेकिन इस स्तर पर टिकने में नाकाम रही। ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से कीमतें तेजी से नीचे आईं।
व्यापारियों की लगातार खरीदारी के कारण चांदी की कीमतों में सोमवार को लगातार पांचवें दिन रिकॉर्ड तोड़ तेजी जारी रही और राष्ट्रीय राजधानी में कीमतें 3,650 रुपये बढ़कर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन ने इसकी पुष्टि की है। शुक्रवार को चांदी 2,36,350 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।इस साल अब तक चांदी की कीमतों ने उल्लेखनीय वापसी की है, जो 31 दिसंबर, 2024 को दर्ज किए गए 89,700 रुपये प्रति किलोग्राम से 167.55 प्रतिशत या 1,50,300 रुपये तक बढ़ गई है।
इस बीच, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत अपने रिकॉर्ड स्तर से गिरकर 500 रुपये की गिरावट के साथ 1,41,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई। पिछले बाजार सत्र में इसकी कीमत 1,500 रुपये बढ़कर 1,42,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी।
पीली धातु यानी सोने में भी सोमवार को सुस्ती का माहौल रहा। सोना मजबूती के साथ खुला था, लेकिन जल्द ही मुनाफावसूली के दबाव में आ गया। सोने का वायदा भाव 1,497 रुपये यानी 1.07 प्रतिशत गिरकर 1,38,376 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। बीते शुक्रवार को ही सोने ने 1,40,465 रुपये प्रति 10 ग्राम का नया शिखर छुआ था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटी के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, "यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड ऊंचाई से गिरावट देखी गई। यह मुख्य रूप से रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद व्यापारियों द्वारा की गई मुनाफावसूली का परिणाम है।"
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी स्थिति समान रही। कॉमेक्स पर चांदी का मार्च 2026 अनुबंध अपने रिकॉर्ड स्तरों से तेजी से नीचे आया। सफेद धातु 3.49 डॉलर यानी 4.51 प्रतिशत गिरकर 73.71 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। इससे पहले सत्र में चांदी ने पहली बार 80 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार करते हुए 82.67 डॉलर का रिकॉर्ड बनाया था।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में फरवरी डिलीवरी वाला सोना 72.55 डॉलर यानी 1.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,480.15 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। इंट्राडे सत्र में इसने 4,581.3 डॉलर का उच्च स्तर छुआ, जो शुक्रवार के रिकॉर्ड (4,584 डॉलर) के बेहद करीब था।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बुलियन मार्केट में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशक साल के अंत में अपनी पोजीशन को एडजस्ट कर रहे हैं, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है। हालांकि, तकनीकी सुधार के बाद लंबी अवधि में बुलियन की चाल वैश्विक आर्थिक संकेतों और भू-राजनीतिक स्थितियों पर निर्भर करेगी।